उत्तर प्रदेश

पत्रकारों और अधिवक्ताओं पर फर्जी मुकदमा बर्दाश्त नहीं : मुनेश्वर मिश्रा  

प्रयागराज। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकांत त्रिपाठी, शंतनु पांडेय, आदर्श शुक्ला, नीरज मिश्रा सहित 30 अज्ञात अधिवक्ताओं के विरुद्ध थाना कर्नलगंज प्रयागराज में उपनिरीक्षण हंडिया चौकी प्रभारी बरौत द्वारा फर्जी एवं मनगढ़ंत तरीके से दर्ज करायी गयी प्रथमिकी का भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ कड़े शब्दों में निंदा व विरोध करता है। अगर पत्रकार और अधिवक्ताओं के साथ न्याय नहीं हुआ तो, महासंघ इस घटना को बर्दास्त नहीं करेगा। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास के भी रुख करेंगे। उक्त बातें भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश्वर मिश्रा एवं राष्ट्रीय संयोजन भगवान प्रसाद उपाध्याय ने संयुक्त रूप से कही।

उल्लेखनीय है कि हडिंया थाना क्षेत्र के बरौत चौकी प्रभारी सूर्य प्रकाश दुबे द्वारा किया जा रहे अनैतिक कार्यो एवं उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने पर खारखाये चौकी प्रभारी ने मनगढ़ंत एवं फर्जी ढंग से कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी, कि अभियुक्त ब्रह्मदेव मिश्र राम चन्द्र मिश्र को रिमाण्ड पर लेकर वारंट बनने के बाद जेल दाखिला करने जा रहे थे। तभी अभियुक्त को छिनने व भगवाने का उक्त लोगों ने प्रयास किया। जिससे कोर्ट में अफरा-सफरी मच गयी। कोर्ट में ही अधिवक्ताओं ने उनके धक्का मुक्की की। उक्त घटना के क्रम में जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने भी शुक्रवार को लोएडवर्व किया साथ ही अधिवक्ता के पदाधिकारी एवं जिला कचेहरी अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा की है। दूसरी तरफ जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय कक्ष में अधिवक्ता अपनी बात सक्षम मजिस्ट्रेट और न्यायाधिकारी के सामने रखने के लिए स्वतंत्रत है। इस प्रकार की घटना अधिवक्ताओं एवं पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। जिसे अधिवक्ता व पत्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उधर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी घटना की कडी निंदा की है। वहीं सोराव, पूâलपुर, मेजा, करछना, कोराव, बारा और हिंडया के अधिकवत्ताओं ने भी फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की कड़ी निंदा करते हुए मुकादमा समाप्त कराने की मांग की है। ऐसा न करने पर अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत रहकर हड़ताल करने की चेतावनी दी है। साथ ही दोषी पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाही की भी मांग की है।इसी क्रम में पत्रकारों ने भी तय किया है कि जिला प्रशासन यदि समय से मामले का निस्तारण नहीं करता है तो मामले को लेकर मुख्यमंत्री के पास पत्रकारों का एक प्रधिनिधि मंडल जल्द ही लखनऊ जायेगा और मामले से रुबरू करायेगा। ताकि पत्रकारों अधिवक्ताओं का उत्पीड़न पुलिस द्वारा न किया जा सके और आमजनमास की समस़्याओं को सुचारूरूप से उजागर किया जा सके।

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