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मोख्तार अंसारी के करीबी माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या

बागपत। पूर्वांचल से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश व देश के कई प्रमुख राज्यों में अपने अपराधिक कारनामों से चर्चित माफिया डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुन्ना बजरंगी को एक बसपा के पूर्व विधायक से रंगदारी के मामले में झांसी जेल से बागपत जेल में कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। हत्या की खबर सुनते ही पूरे जेल में अलर्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है जेल में सुबह किसी कैदी से मामूली बात पर कहासुनी हुयी जिससे वह पिस्टल निकालकर मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी।

मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने पुलिस व सरकार पर मुन्ना बजरंगी के सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।जानकारी के मुताबिक मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से बागपत जेल लाया गया था उन्हें बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में बागपत कोर्ट में पेश होना था। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने पहले ही शासन प्रशासन पर आरोप लगाया था कि एसटीएफ और पुलिस उनके पति की हत्या करना चाहती है। सीमा ने यह भी कहा था कि कुछ प्रभावशाली नेता मेरे पति की हत्या कराना चाहते हैं झांसी में जेल में भी मुन्ना बजरंगी पर हमला हो चुका था। मुन्ना बजरंगी सुपारी लेकर किसी भी काम को बखूबी अंजाम दे सकता था।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के गांव के पुरेदयाल गांव में पारसनाथ सिंह के पुत्र के रूप में 1967 में जन्मे मुन्ना बजरंगी को उनके पिता पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे। लेकिन मुन्ना बजरंगी पिता के सपने को चकनाचूर कर दिया और पांचवी कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और जैसे जैसे किशोरावस्था कि तरफ मुन्ना बजरंगी बढ़ता गया उसके शौक भी बढ़ते गये।

मुन्ना बजरंगी जब अपराध के क्षेत्र में कदम रखा तो पीछे मुड़कर देखने का नाम नहीं लिया। उसने पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, पश्चिम बंगाल, मुंबई में अपना नेटवर्क फैलाया हुआ था। उसके 36 साल के आपराधिक कैरियर में हत्या, रंगदारी ही उसका शौक व पेशा रहा है। मुन्ना बजरंगी ने अपराध की दुनिया में 1982 में अपना पांव रखा तो उसके आतंक कितने बढ़ गए की 1995 में ही यूपीएसटीएफ से उसकी मुठभेड़ हो गई। लेकिन मुन्ना बजरंगी बच गया।

मुन्ना बजरंगी बाहुबली मोख्तार अंसारी के संगत में आया और उसकी ताकत धीरे-धीरे बढ़ती गई उसके बाद मुन्ना बजरंगी ने पूर्वांचल में ऐसा कारनामा किया उसके चर्चे पूरे देश में होने लगे, उसने 2005 में भारतीय जनता पार्टी के युसुफपुर मुहम्मदाबाद के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी। हत्या व अपराध के कारोबार में खूद को सेफ जोन में रखने के लिए मुन्ना बजरंगी ने राजनीति के मैदान में कदमताल करते हुए 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ी, लेकिन करारी शिकस्त के बाद फिर राजनीति का मोहरा बनने की कोशिश नहीं की।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने निर्देश देते हुए घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच बागपत के सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे। इस घटना के सिलसिले में बागपत जेल के जेलर, डिप्टी जेलर सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया हैं।

बागपत के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी नेता एवं पूर्व  विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत अदालत में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी। मुन्ना बजरंगी को कल रात ही झांसी जेल से बागपत लाया गया था। जेल में ही सुबह छह बजे साथी कैदी ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

 

 

One thought on “मोख्तार अंसारी के करीबी माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या

  • very bad situtation how to killed in jail custedy. goverment fail to stop crime or involbe in crime.

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