अभाविप ने निकाली समरस भारत विचार यात्रा, संगोष्ठी कर दिया सामाजिक समरसता का संदेश
दोहरीघाट/मऊ।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दोहरीघाट नगर इकाई द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर समरस भारत विचार यात्रा एवं संगोष्ठी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। विचार यात्रा पार्वती पीजी कॉलेज के मैदान से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए मंगलम वाटिका चौहान चौक पहुँची, जहाँ संगोष्ठी आयोजित कर कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम, राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह, नगर अध्यक्ष डॉ. दुर्गेश मिश्रा तथा नगर मंत्री शुभांशु वर्मा की गरिमामय उपस्थिति रही।
प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का विचार—
“मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुता सिखाता है”
आज भी भारतीय समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि विविधता भारत की पहचान है और इसकी शक्ति एकता, सहयोग तथा सामाजिक समानता में निहित है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि सामाजिक समरसता एक जीवंत प्रक्रिया है, जो सम्मान, समान अवसर और भेदभाव के विरोध से आगे बढ़ती है। उनके अनुसार छोटे-छोटे कदम—जैसे मदद करना, समान व्यवहार करना और अन्याय का विरोध करना—समरस समाज की नींव रखते हैं।

नगर अध्यक्ष डॉ. दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि आज की यात्रा और संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में संवेदना, सौहार्द और न्याय की भावना को फैलाना है। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया। संचालन नगर मंत्री शुभांशु वर्मा ने किया।
इस अवसर पर प्रांत मीडिया सहसंयोजक अविनाश गुप्ता, विभाग संगठन मंत्री रंजीत सिंह, जिला संगठन मंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य प्रियांशु वर्मा, शिवम विश्वकर्मा, अनुज जायसवाल, आरव त्रिपाठी, कृष्णानंद तिवारी, अवनीश मौर्या, शिवम मद्धेशिया, विशाल, शिवांग, सत्यम, साहिल, अनुराग, आदित्य, आयुष, उत्कर्ष, संस्कार, अभिषेक, हिमांशु सहित हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

