पुण्य स्मरण

एक जननायक के ब्रह्मभोज में! घोसी में आज होगा श्रद्धांजलि का महाजमावड़ा

@ आनन्द कुमार…

घोसी की राजनीति में अपनी सादगी, जनसेवा और जनसरोकार के लिए प्रसिद्ध दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह आज भी लोगों के दिलों में अमर हैं। जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान करने वाले नेता के रूप में उन्होंने जो स्थान बनाया, वह अपूर्ण है। जीवनभर जनता के लिए धीरज और संबल बने रहने वाले सुधाकर सिंह के निधन ने पूरे पूर्वांचल को शोक में डुबो दिया।

राजनीति में भले ही उन्होंने घोसी और मधुबन (नत्थुपुर) विधानसभा को अपना कार्यक्षेत्र बनाया, लेकिन उनकी पहचान पूर्वांचल के कोने-कोने तक थी। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से लेकर उत्तर प्रदेश के कई मुख्यमंत्रियों तक उनसे निकटता रही। समाजवादी पार्टी के बैनर तले घोसी उपचुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान को हराकर उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक पहचान बनाई थी।

20 नवंबर 2025 को उनके निधन के बाद अंतिम यात्रा में उमड़ी हजारों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि वे लोगों के दिलों में बसते थे। समाजवादी पार्टी के नेता होने के बावजूद उनकी अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सुभासपा, भाकपा, माकपा सहित लगभग सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने शामिल होकर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

आज 02 दिसंबर 2025 को आयोजित ब्रह्मभोज में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से दिग्गज नेताओं, अधिवक्ताओं, अधिकारियों व कर्मचारियों, पत्रकारों, व्यापारियों, शिक्षकों, समाजसेवियों और आमजनों के पहुंचने की सूचना है। मऊ जनपद के घोसी तहसील क्षेत्र के ग्राम दादनपुर, अहिरौली (पोस्ट–अरियासों) में दिनभर लोग पहुँचकर सुधाकर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करेंगे और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि व्यक्त करेंगे।

दिवंगत नेता के पुत्र, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुजीत सिंह अपने पिता की स्मृतियों को हृदय में संजोए, आने वाले हर अतिथि का नम आंखों से स्वागत करेंगे।

घोसी की धरती आज एक स्वाभिमानी, सरल और लोकप्रिय जननेता को याद कर भावुक है। हर कोई बस यही कह रहा है—

“सुधाकर सिंह जी, आप बहुत याद आएँगे।”

राजनीतिक चर्चाएँ और भविष्य की संभावनाएँ लोग भले ही अभी से बताने लगे हों, लेकिन उचित होगा कि ब्रह्मभोज के बाद और निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने पर ही इस पर विस्तार से चर्चा की जाए।

फिलहाल—

सादर नमन, सुधाकर सिंह जी। 🙏

 

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