उत्तर प्रदेश

गैंगस्टर एक्ट के बहुचर्चित मामले में अभियुक्तगण बाइज्ज़त बरी

लखनऊ राज्य बनाम प्रदीप कुमार सिंह व अन्य (गैंगस्टर एक्ट, थाना आलमबाग के बहुचर्चित मामले में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ए डी जे 5 लखनऊ के न्यायालय में न्यायाधीश ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्तगण प्रदीप सिंह एवं विवेक कश्यप को बाइज्ज़त बरी कर दिया।

मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ. शमशेर यादव ‘जगराना’ तथा अभियोजन की ओर से राज्य अधिवक्ता विनीत मिश्रा ने पक्ष रखा। डॉ. जगराना ने तर्क दिया कि अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट लागू ही नहीं होता, क्योंकि केवल एक मामले में संलिप्तता है और अभियोजन यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि आरोपी धारा 2(b) गैंगस्टर एक्ट की किस उपधारा में आते हैं।

गैंग चार्ट में प्रदीप सिंह को गैंग लीडर बताया गया था, जबकि विवेक कश्यप मात्र सह-अभियुक्त थे। दर्ज धाराएँ (376, 323, 504, 506 IPC व 3/4 POCSO Act) व्यक्तिगत अपराध की श्रेणी में आती हैं, न कि गैंग अपराध की।

अधिवक्ता डॉ. शमशेर जगराना ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय Vinod Bihari vs State of U.P., 2025 LiveLaw (SC) 615 एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दृष्टान्तों का हवाला देते हुए कहा कि केवल एक मुकदमे पर गैंगस्टर एक्ट चलाना असंवैधानिक है। न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए अभियुक्तों को पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया।

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