रचनाकार

“हैप्पी हरियाली अमावस्या”

🌳🌴🌳🌴🌳🌴🌳

( किशोर कुमार धनावत )

पेड़ों के संग,
मिलता ऐसा सुख,
छाया भा जाती|
भूल जाता वो,
अपने आप को भी,
मस्ती छा जाती|
पत्ते हिलते,
हवा जब चलती,
डाली डोलती|
चिड़िया आती,
पंख फड़फड़ाती,
चूं-चूं बोलती|
ऐसा आनंद,
कहीं नहीं मिलता,
देखो लेकर|
बस उसका,
ख्याल रखना है,
पानी देकर|
परिवार भी,
जब दूर हो जाता,
साथ निभाता|
बेसहारों का,
घर बनाकर वो,
हाथ हिलाता|
प्रकृति प्रेम,
उपहार है हमें,
क्यों भूलते हो|
स्वार्थ में उसे ,
पैसों के लिए तुम,
काट देते हो|
सांसों का मोल,
समझ में आयेगा,
जब खोवोगे|
बेजुबान है,
कुछ बोलता नहीं|
तुम रोओगे|
“आओ पेड़ लगायें,
धरती स्वर्ग बनायें|”
🌿🍀🌱🌱🍀🌿
किशोर कुमार धनावत,
रायपुर, (८-८-२०२१)

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