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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का 2200 बालिकाओं को मिलेगा लाभ

◆ मिशन शक्ति के तीसरे चरण के तहत घर-घर जाकर लिए जायेंगे आवेदन

◆ कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगेगी रोक

मऊ। समाज में प्रचलित कुछ कुरीतियों व भेदभाव के चलते ही कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह एवं बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच के मामले आज भी देखने को मिल जाते हैं | इन्हीं प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बहुत सी बालिकाएं-महिलाएं संरक्षण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इन्हीं सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने बताया कि बालिकाओं के बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलायी जा रही है | इसके तहत जिले में 2200 नये लाभार्थियों का पंजीकरण कराकर 21 अगस्त को लखनऊ से वर्चुअल रूप से मुख्यमंत्री द्वारा उनके खातों में आर्थिक लाभ प्रदान करने का लक्ष्य है ।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत घर-घर जाकर कन्याओं को चिन्हित करके उनका फार्म भरवाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग समेत 11 टीमें लगाई गई हैं। इसमें कोई पात्र लाभार्थी छूट न जाए इसका खास ख्याल रखा जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास के नए अवसर प्रदान करने के लिए यह योजना आरंभ की गई है। इसके फलस्वरूप जहां एक तरफ कन्या भ्रूण हत्या एवं बाल विवाह जैसी कुरीतियों के रोकथाम के प्रयासों को बल मिलेगा वहीं दूसरी ओर बालिकाओं को उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों की ओर बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा |
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता…


जिन बालिकाओं का जन्म पहली अप्रैल 2019 के पश्चात् हुआ हो, उनको रू 2000 एकमुश्त
धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा। इसके अलावा वह बालिकायें सम्मिलित होंगी- जिनका एक वर्ष के भीतर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका
जन्म पहली अप्रैल 2018 से पूर्व न हुआ हो, को रू 1000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
वह बालिकायें सम्मिलित होंगी- जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश लिया हो,
को रू 2000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
वह बालिकायें सम्मिलित होंगी- जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान छठी कक्षा में प्रवेश लिया हो
को रू 2000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
वह बालिकायें सम्मिलित होंगी- जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान नवीं कक्षा में प्रवेश लिया हो,
को रू 3000 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
वह सभी बालिकायें सम्मिलित होंगी- जिन्होंने 10वीं/ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करके चालू शैक्षणिक सत्र के
दौरान स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लिया हो , उनको रू 5000 एक मुश्त
धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड
आधार कार्ड वोटर पहचान पत्र विद्युत टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रु0-3.00 लाख हो।
किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य
होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती हैं तो केवलऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।
यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।

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