अपना जिला

पोषण माह में मिले कुपोषित बच्चों को मिला, पोषण पुनर्वास केंद्र का लाभ

० एनआरसी में बीते माह जिले के विभिन्न ब्लाकों से 16 कुपोषित बच्चे कराये गये भर्ती

० आरबीएसके टीम व आशा-आंगनबाड़ी की मेहनत से हुआ संभव – सीएमओ

मऊ, 31 अक्टूबर 2022। सरकार कुपोषण दूर करने के लिए पोषण मिशन के तहत विविध प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जिले में 26 अप्रैल 2016 को जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) शुरू हुआ। इस केंद्र पर अब तक कुल 779 कुपोषित बच्चों को स्वस्थ किया जा चुका है। इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र तक लाने में आरबीएसके टीम व आशा और आंगनबाड़ी का खास योगदान है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेश अग्रवाल ने दी।

सीएमओ डॉ अग्रवाल ने बताया कि यहां आए हुए कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को उनकी कैटेगरी के अनुसार खान पान दिया जाता है। इसमें दूध के अलावा खिचड़ी, हलवा, खीर और अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थ जो इनके स्वस्थ होने में लाभकारी हो, दिया जाता है।

पोषण पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ एमपी सिंह ने बताया कि इस केंद्र में भर्ती परिजनों को उनके खानपान, रहन सहन और बच्चों की कैसे देखभाल करें इस बारे में काउंसलिंग की जाती है। कुपोषित बच्चों को न्यूनतम 14 दिन और अधिकतम 28 दिन तक इस केंद्र में रखकर पोषण सम्बंधित चिकित्सा और सलाह दिया जाता है। छुट्टी होने के बाद उनके घर पर पंद्रह-पंद्रह दिनों पर फॉलोअप भी किया जाता है। इस केंद्र में आने जाने के लिए 140 रुपये प्रति बच्चा इनके खाते में दिया जाता है, वहीं 14 दिन तक एडमिट होने के दौरान माता को प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से उनके पंजीकृत खाते में भेजने के साथ कुपोषित बच्चे के साथ आए एक परिजन को भी भोजन और नास्ता निःशुल्क एनआरसी से दिया जाता है।

नोडल अधिकारी डॉ एमपी सिंह ने बताया कि पोषण माह दौरान परदहां ब्लाक अंतर्गत सलाहाबाद ग्राम के निवासी नंदलाल और शशिकला की तीन माह की बेटी रानी को आंगनबाड़ी रीतादेवी डॉ राहुल गुप्ता आरबीएसके-बी टीम ने एक किलो 800 ग्राम. पर लाकर केंद्र में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद अब पहले फालोआप पर दो किलो 30 ग्राम वजन हो गया है जो एक अच्छा और सुखद परिणाम है।

नोडल ने बताया कि परदहां ब्लाक के बड़ी रस्तीपुर ग्रामसभा की निवासी रामनिवास और माता सोनी की 20 माह की बेटी अर्चना को सैम विथ फीवर के केश की बच्ची पोषण माह में आंगनबाड़ी कांति के सहयोग डॉ रामदास आरबीएसके-ए टीम द्वारा रेफर आया जिसे भर्ती किया गया बच्ची अर्चना अब स्वस्थ है।

आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर अरविन्द वर्मा ने बताया कि सितंबर माह में पोषण पखवाड़ा के दौरान 16 कुपोषित बच्चे भर्ती कराये गये थे। जिन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र का लाभ अब मिलने लगा है।

पोषण काउंसलर पूजा जायसवाल ने बताया पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे विभिन्न ब्लाक से रेफर होकर आते हैं। कुपोषित बच्चे जिनको 14 से 28 दिनों के बीच एडमिट कर उनका इलाज किये जाने के साथ अगले 15-15 दिनों पर बुलाकर उनका फालोआप लिया जाता है। कुपोषित बच्चों के इलाज के साथ ही उनके परिजनों की भी काउंसलिंग की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *