चर्चा में

CM साहब, NHAI 83 के हाइवे निर्माण के दौरान बेलागंज (गया) में जलाशयों को समतल करने से रोकिए

(पत्रकार उज्ज्वल का मुख्यमंत्री बिहार को खुला पत्र भाग दो)

श्रीमान नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री, बिहार को दूसरी खुली चिट्ठी

विषय-एनएच 83 के लिए बायपास निर्माण के दौरान बेलागंज (गया) में जलाशयों को समतल किये जाने से बचाने के सम्बंध में,
महोदय,

एनएच 83 डोभी-पटना के निर्माण के क्रम में गया जिले के बेलागंज में बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान पहले तो करीब एक लाख हरे पेड़ काट कर एनएचआई के लोगों में आपकी हरियाली योजना को मटियामेट कर दिया। अब ये जलाशयों को भरने में लगे हैं।
आपको बता दूं कि गया जिले के बेलागंज प्रखंड के बेलागंज पंचायत में एनएच 83 के लिए बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए गाँव के प्रमूख जलाशयों पोखर और आहर को समतल किया जा रहा है। इस आहर में फल्गु नदी का पानी पइन के सहारे जमा होता है और सालों भर रहता है। इस पानी का उपयोग पटवन के लिए तो होता ही है, मवेशी भी इससे अपनी प्यास बुझाते हैं। पूरे इलाके के लिए भूगर्भ जल स्तर का संतुलन बानाये रखने में भी ये आहर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी-बड़ी मशीनें दिन-रात एक करके इसे समतल करने में जुटी हैं। मैंने एनएचआई के स्थानीय प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री प्रभात रंजन पांडेय जी को वस्तुस्थिति की जानकारी दी। कहते हैं-वे कुछ नहीं कर सकते। जो डीपीआर बना है, उसके अनुसार काम हो रहा है। अब इन महोदय को कैसे समझाऊं की डीपीआर हम और आप जैसे कोई हाड़-मांस वाले इन्सान ने ही बानाया है। इसे बनाने वालों किसी स्थानीय लोगों की राय तो ली नहीं। उन्हें इससे बहुत वास्ता भी नहीं है।
आपको बता दूं कि इसी साल लू के दौरान गया जिले में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। इनमें भी वैसे इलाके अधिक थे जहां कोई जलाशय नहीं थे। या वे सूख गए थे। यदि इन जलाशयों को समतल कर दिया गया तब न केवल गांव वासी बल्कि हजारों मवेशी और पक्षी प्यासे मर जायेंगे। बड़ी कृपा होगी यदि आप इसे बचा लेंगे।

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