भाजपा के नाम वायरल पत्र, बाहरी को न मिले टिकट, लोकल को दे तवज्जो
सोशल मीडिया पर वृहस्पतिवार को एक पत्र वायरल हुआ जो भाजपा नेता संतोष चौहान द्वारा लिखा गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से श्री चौहान अपने शीर्ष नेतृत्व से आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में घोसी लोकसभा क्षेत्र से किसी भी लोकल व्यक्ति को टिकट देने की पुरजोर वकालत की है। कुछ नाम को गिनाते हुए उन्होंने लिखा है कि पार्टी जिस भी जाति के व्यक्ति को टिकट देना चाहे दे, लेकिन सिर्फ घोसी लोकसभा क्षेत्र के निवासी को दे पढ़िए पूरा वायरल पत्र बस एक क्लिक में…
कार्यकर्ताओं के मन की बात…
अब 2019 के महासमर का आगाज हो चुका है और सभी दल पार्टी के लोग अपने हिसाब से चुनावी ताल ठोक रहे है। सब अपने आकड़े पेश कर अपनी बिसात बिछा रहे है। साथ साथ घूम रहे है और पीठ पीछे अपनी जुगत लगा रहे है। एक दूसरे से छुप कर बड़े नेताओं के यहां अपना बायोडाटा पंहुचा रहे हैं ताकि उनके अभ्यर्थन पर विचार हो सके और यहाँ हम बात कर रहे है सबसे दिलचस्प लोकसभा सीट 70 घोसी लोकसभा की जहां विकास का पहिया लगभग थम सा चुका है और कल्पनाथ राय जी के जाने के बाद ये लोक सभा एक अदद विकास को तरस गयी। जो भी नेता आये वो जाति आधारित समीकरण को साध कर संसद तक पंहुच तो गए लेकिन विकास का मकसद अधूरा रह गया। तमाम वादे हुए और वादाखिलाफी हुई। लेकिन 2019 का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होगा क्योंकि इस बार विकास के साथ एक मुद्दा बहुत जोर पकड़ रहा है वो है जिले के लोकसभा के अंतर्गत आने वाले 5 विधानसभा मऊ सदर, मोहम्दाबाद गोहना, मधुबन, घोसी और रसड़ा विधानसभा से बाहर निवास करने वाले व्यक्ति के प्रत्याशियों पर।
जी हां,
हम बात कर रहे हैं मऊ जनपद के घोसी लोकसभा क्षेत्र में जोर पकड़ चुके बाहरी भगाओ, मऊ बचाओ मुहिम की। जिसकी चर्चा आज हर व्यक्ति के मुंह से सुनी जा रही है और हो भी क्यो नही हर दल पार्टी के लोगो ने यहां से प्रतिनिधित्व करने के लिए आयातित प्रत्याशियों को महत्व दिया और सफलता भी मिली लेकिन जनता को बदले में सिर्फ निराशा ही मिली। आज जब ये मुद्दा जोर पकड़ लिया है तो हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते अपनी बात भी रखना चाहते है कि हम पार्टी के लिए निष्ठा से काम करते है और जनता के बीच हम जाते है उनके दुख सुख को हम कार्यकर्ताओ से बेहतर कोई समझ नही सकता और जब हम जनता की समस्याओं को लेकर आने नेता के पास जाते है और हमारा नेता हमे नजर अंदाज कर देता है तब हमें अहसास होता है कि काश हमारे बीच का कोई व्यक्ति जो हमारे साथ चला हो वो होता तो हम अपनी समस्या का निदान करा सकते कम से कम अपनी व्यथा तो उससे कहा सकते। दुर्भाग्य है हमारा की हमारे बीच का नेता हमारा प्रतिनिधि नही बन पाता उसके पीछे कारण क्या है??
क्या हमारे पास नेताओ की कोई कमी है जो हमारी माटी से हो जिसको हम बेहतर तरीके से जानते हो कोई जरूरत पड़ने पर वो हमारे लिए आधी रात को खड़ा हो??
जी नहीं,
आज हमारे पास नेताओ की कमी नही है कमी है तो शीर्ष नेतृत्व के आंखों से पर्दा उठाने की जिसको हमारे बीच का व्यक्ति साफ दिखाई नही देता।
आज हमारे पास जाति व्यस्था के आधार पर, आर्थिक आधार पर, सामाजिक आधार पर, संघठन के आधार पर,शैक्षिक योग्यता के आधार पर, निखरते हुए चेहरे है जो जनता के जुड़कर दिन रात सेवा कर रहे है इस उम्मीद में कही उनको मौका मिल जाता है और पावर रहेगा तो वो बेहतर तरीके से जिले का विकास कर सकते है। हमारे पास आज के मऊ के परिवेश में भारतीय जनता पार्टी के पास जिले के जनता के दुख सुख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले आर्थिक, सामाजिक, शिक्षा जगत चिकित्सा जगत में जन सेवा करने वाले मनोज राय जो मूलतः सहरोज के निवासी है और अपना सर्वस्व समाज के लिए लुटाने वाले दीन हीन, गरीबो, दलितों, पिछडो, सवर्णो, अल्पसंख्यको जैसे समाज के हर वर्ग में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले और दिन रात मेहनत कर लोगो के बीच हमेशा उपलब्ध रहते है, इसके अलावा जनपद के प्रतिष्ठित ठेकेदार और वरिष्ठ नेता अशोक सिंह की लोकप्रियता भी कम नहीं है। वरिष्ठ नेता अलक्क्षेन्द्र विक्रम सिंह मदन सिंह, हौसला उपाध्याय, अरविन्द सिंह, मुन्ना दूबे, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एचएन सिंह, विजय नरायन शर्मा, डा. विजय के. सिंह, विजय प्रताप सिंह, अरिजीत सिंह, वही जिले के महामंत्री आनद प्रताप सिंह, अखिलेश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष गनेश सिंह, संतोष सिंह, राकेश मिश्रा, सत्यमित्र सिंह दिनेश, ई. श्रवण कुमार राय ये हमारे जिले के सवर्ण चेहरे है जिन पर पार्टी विकल्प ढूंढ सकती है। वहीं पिछड़े चेहरों की बात करें तो भाजपा नेता अरविन्द यादव, जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भगवान दास गुप्ता भी जिले से भली भांति परिचित है। लालचंद चौहान पूर्व जिलाउपाध्यक्ष भारत भीम चौहान जिला मंत्री, रामप्रवेश राजभर जिलाध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा, विनोद वर्मा, प्रवीण गुप्ता, विजय राजभर, रामाश्रय राजभर जिनको जिले में भारतीय जनता पार्टी के समकक्ष एक टीम बनाने और उसको कुशलता पूर्वक निष्पादित करने का श्रेय जाता है, उन्हीं नामो में अखिलेश राजभर जो क्षेत्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी है। महिला चेहरों की बात करें तो वरिष्ठ नेत्री डा. सीता राय, अलका राय, पूर्व जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा मीना अग्रवाल, नीलम सर्राफ, संंगीता द्विवेदी का नाम भी विचार योग्य है। भारतीय जनता पार्टी में अभी भी सैकड़ो ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओ का गुच्छा है जो जिले की माटी का होगा और और जिले की दिशा दशा तय करने में उससे उम्मीद भी की जा सकती है।
अब हमें अपने बीच का नेता ही चाहिए।
#बाहरी_भगाओ_मऊ_बचाओ

