“जब अफवाहें चली पटना में, और विधायक बैठे थे ICU के बाहर—सतीश यादव ने खोला सच!”
बिहार के रामगढ़ विधानसभा से BSP के नवनिर्वाचित विधायक सतीश यादव उर्फ़ पिंटू ने सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट डाल दिया कि पूरे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया!
उन्होंने साफ कह दिया—“राजनीति और पत्रकारिता—दोनों का स्तर जिस रफ़्तार से गिर रहा है, लगता है ब्रेक ही फेल हो चुका है!”
सोशल मीडिया पर कोई कह रहा—
➡️ “सतीश यादव BJP में जाने वाले हैं…”
तो दूसरा चटखारे लेकर लिख देता—
➡️ “नहीं-नहीं… वो तो JDU में मंत्री बनने जा रहे हैं!”
लेकिन एक “अति उत्साही” पत्रकार महोदय ने तो खिलाड़ियों को भी पछाड़ दिया—
उन्होंने तो विधायक का इस्तीफ़ा भी दिलवा दिया!
ऊपर से आज एक चैनल के रिपोर्टर ने फोन कर पूछा—
“सुना है पटना में हैं… और JDU ज्वाइन करने वाले हैं…?”
इस पर विधायक का जवाब सीधे दिल पर लगने वाला था—
“आपके ‘सूत्रों’ ने आपको ये तो बता दिया कि मैं पार्टी बदल रहा हूँ…
लेकिन ये क्यों नहीं बताया कि पिछले तीन दिनों से मैं BHU ट्रॉमा सेंटर में ICU के बाहर बैठा हूँ,
जहाँ मेरे पिता, पूर्व विधायक अंबिका यादव, वेंटिलेटर पर ज़िंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं?”
उन्होंने आगे लिखा—
“अफवाह उड़ाने से पहले थोड़ा इंसानियत भी बचाए रखिए… किसी पर उंगली उठाने से पहले यह तो जानिए कि वह किस हालात से गुजर रहा है!”
👉 विधायक ने सभी अफवाहों को सीधे शब्दों में खारिज कर दिया।
👉 पिता की गंभीर स्थिति का जिक्र कर अफवाह फैलाने वालों को आइना दिखाया।
👉 राजनीति और पत्रकारिता में “सूत्र संस्कृति” पर बड़ा सवाल उठाया।






