रोग ग्रस्त फसल/पौधे के फोटों, भेजे ले जानकारी

मऊ, 13 अक्टूबर, 2021। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार द्वारा एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि बीज जनित/भूमि जनित रोगों से बोई जाने वाली फसल के बचाव हेतु बीजशोधन भूमिशोधन का अत्यधिक महत्व है। इससे फसल की रोगों से सुरक्षा कर अधिक पैदावार ली जा सकती है। आगामी रबी फसल में अच्छी उत्पादन के लिए बीजशोधन अवश्य करें। बीजशोधन के अभाव में फसलों में कई फफुॅदजनित/जीवाणुजनित रोगों का प्रकोप देखा जाता है। रोगकारक फफूदी व जीवाणु बीज से लिपटे रहते हैं या भूमि में पड़े रहते हैं। बीज बोने के बाद फफॅुदी अपने स्वभाव के अनुसार नमी प्राप्त होते ही उगते बीज अंकुर या पौधों के विभिन्न भागों को संक्रमित करके रोग उत्पन्न करते हैं। गेहूॅ में करनाल बंट, अनावृत्त कंडुआ, जौ में पत्तीधारी रोग, चना, मटर एवं मसूर में उकठा रोग, राई/सरसों में झुलसा तुलासिता, सफेद गेरूई, आलू में ब्लैक स्कर्फ, ब्राउन राठ, गन्ना में लाल सड़न जैसी बीमारियों का प्रकोप देखने को मिलता है। रोगों से फसलों को बचाने के लिए बीज उपचार बीजशोध नही एकमात्र सरल, सस्ता एवं सुरक्षात्मक उपाय है। उन्होनें बताया कि उक्त कीट रोग के लगने की दशा में रोग ग्रस्त फसल/पौधे के फोटों के साथ विभागीय पी0सी0आर0एस0 मोबाईल नम्बर 9452247111 एवं 9452257111 पर व्हाटसअप अथवा टेक्सट मैसेज के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं।

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