एम्स दिल्ली में हजारों एम.टी.एस. को अक्टूबर से नहीं मिल रहा सेलरी, भूखमरी के कगार पर

■ एम्स में कार्यरत 7157 प्राइवेट कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए संत देव चौहान ने डिप्टी चीफ लेबर कमिश्रर (सेन्ट्रल) से लगाई गुहार
( आनन्द कुमार )
दिल्ली। एम्स दिव्यांग फेडरेशन, दिल्ली के अध्यक्ष संत देव चौहान ने डिप्टी चीफ लेबर कमिश्रर (सेन्ट्रल) पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली को पत्र भेजकर एम्स में अनुबंध पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को न्याय दिलाने का निवेदन किया है। श्री चौहान ने बिन्दुवार 12 मांगों पर डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि एम्स के द्वारा अनुबंध पर नियुक्त की गई कंपनीयों की सुची एवं कर्मचारियों की संख्या निम्नलिखित हैं। लेकिन कान्ट्रेक्ट की हुई कम्पनियां एम्स में अपने अधीन रखे कर्मचारियों के साथ भेदभाव व सौतेला व्यवहार कर रही हैं। उन्होंने निम्न 12 बिन्दुओ पर क्रमशः आवाज उठाते हुए मजदूरी हित में न्याय दिलाने की मांग की है। श्री चौहान ने निम्न मांग रखी,

- कंपनियों ने किसी भी कर्मचारी को नियुक्ति पत्र नहीं दिया है।
- सभी कंपनियों की सैलरी अप्रैल में बढ़ जाती है और इन कंपनी की सैलरी अक्टूबर या दिसंबर में बढाई जाती है और इसके बीच का बकाया राशि जो बनता है वह भी नहीं मिलता है।
- इन लोगों को दिवाली में बोनस भी नहीं मिलता है।
- कंपनी वाले वर्दी नहीं देते हैं हमे मार्च 2020 को वर्दी मिली थी उसके बाद अभी तक कोई वर्दी नहीं मिली और सेम वर्दी मार्किट में कहीं भी नहीं मिलती है और कंपनी से कोई भी आते हैं तो हमारी सैलरी से पैसे काट देते है बिना बताएं और हम कुछ अपनी समस्या बोलते है वह डाटते हैं जो कम्पनी से आते हैं।
- साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता और किसी भी तरह का अवकाश नही मिलता है और जब यह लोग अपने सीनियर से पूछते हैं कि छुट्टी क्यों नहीं मिलती इन लोगों को इनके सीनियर बोलते हैं 365 दिन ड्यूटी पर आना पड़ेगा।
- 15 अगस्त, 2 अक्टूबर और 26 जनवरी को भी ड्यूटी करते हैं तो उसके भी पैसे नहीं मिलते है।
- अभी तक ESI कार्ड भी नहीं बना है।
- महीने में कुछ काम से छुट्टी करते हैं तो उसके पैसे काटते हैं जो भी पैसे काटते है उसको सैलरी स्लिप में मैशन नहीं करते हैं और ऊपर से 50/100 रुपए काट देते हैं पैसे काटने का कोई कारण नहीं बताते हैं जब हम अपने सीनियर से पूछते हैं तो वो बोलते हैं ऑफिस वालों ने काटे हैं जब हम ऑफिस जाते है तो वो बोलते हैं अपने सीनियर से बात करो ऑफिस में मत आया करो।
- महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश भी नही मिलता है।
- एम्स में हजारों अनुबंध कर्मचारी पूरी मेहनत, लगन व ईमानदारी से कार्य करते हैं पर यहाँ का प्रशासन व अधिकारी बिना किसी नोटिस दिये इन्हे जब चाहे तब निकाल देते हैं इससे प्रतीत होता है कि द्वेष भावना से प्रेरित होकर उन कर्मचारियों के साथ व्यवहार किया जाता है जो न्याय संगत नही है व लेबर एक्ट के विरुद्ध है।
- एम्स में कार्यरत हजारों एम टी एस पद पर कार्यरत कर्मचारियों को कभी भी समय से वेतन नही दिया जाता है अक्टूबर2021 माह से अब तक उन्हे वेतन नही मिला है जिससे उक्त कर्मचारी भुखमरी के कगार पर है।
- एम टी एस, लैब टेक्नीशियन, लैब अटैंडेट तथा इत्यादि पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का एरियर का बकाया नही मिला है। (बेसिल)
उन्होंने बताया कि कुल 7 कम्पनियों का नाम और एम्स में कार्यरत कर्मियों की कुल संख्या 7 हजार 1 सौ 57 है। किस कम्पनी में कितने एम्स में कार्यरत हैं विवरण निम्न है। - सुदर्शन फैसिलिट्स प्राइवेट लिमिटेड 1105
- सुलभ इंटरनेशनल एस.एस.ओ 1329
- रक्षक सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड 612
- डस्टर्स टोटल सॉल्यूशंस 557
- एस आई एस 1168
- स्विफ्ट सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड 1458
- बेसिल 928
श्री चौहान ने चीफ डिप्टी लेबर कमिश्नर से अनुरोध है कि उपर्युक्त माँगो को देखते हुए नियमानुसार उनकी माँगो को पूरा करवाने में सहयोग करने की कृपा करें।






