आजमगढ़ में “अटल जी” को फाइन आर्ट सेंटर की कलाकारों ने दी 8×12 फीट की विशाल रंगोली बना श्रद्धांजलि
मऊ। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्देय अटल बिहारी वाजपेयी जी का अस्थि कलश बलिया, मऊ होते हुए शनिवार को आजमगढ़ पंहुचा तथा राजघाट तमसा के पावन तट में विसर्जित हुयी। इसके पूूर्व श्रद्धांजलि हेतु राजघाट पर फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डॉ लीना मिश्रा, श्वेता, जया गौर, सलोनी अग्रवाल द्वारा पंं अटल बिहारी वाजपेयी की 8×12 की रंगोली बना श्रद्धांजलि दी गयी। विशालकाय रंगों की रंगोली से बने अटल जी की तस्वीर फाइन आर्ट सेंटर की कलाकारों ने ऐसे रंग दिए थे कि जैसे लग रहा था कि अटल जी अभी बोल पड़ेंगे। कलाकारों द्वारा अटल जी की बनाई छवि कि लोगों ने खूब तारीफ की उधर फाइन आर्ट सेंटर की कलाकारों ने अटल जी की गुणगान करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
फाइन आर्ट सेंटर की निर्देशिका डॉक्टर लीना मिश्रा ने कहा कि एक लेखक, सह्रदय कवि और सच्चे अर्थों में राष्ट्रभक्त थे। राजनीति में भी देश प्रेम को वह सबसे ऊपर रखते थे। अटल जी भारतीय लोकतंत्र के ऐसे नेता रहे जो विपक्ष की मजबूत आवाज बने। जिन्होंने अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया और उन्होंने वंशवाद की राजनीति को दरकिनार कर दिया। उनका व्यक्तित्व उनकी कविताओं में स्पष्ट झलकता है। राजनीति के ऐसे शलाका महापुरुष भारत रत्न अटलजी की कविता की पंक्ति उनके सर्वोत्तम मानव गुण की परिचायक है कि …हे प्रभु मुझे इतनी ऊँचाई न देना कि अपनों को गले लगा न सकूँ।
फाइन आर्ट सेंटर के कलाकारों द्वारा अपनी कलात्मक ऊर्जा के माध्यम से अटल जी को रंगोली के द्वारा दी गई श्रद्धांजलि अपने आप में एक अलग ही श्रद्धांजलि है अश्रुपूरित नैनों से देश के महानायक के प्रति उनकी शोक संवेदना पूर्णरूपेण आत्मिक है। हर कलाकार की वेदना उंगलियों के माध्यम से अटल जी की तस्वीर बनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करने को आतुर थी।


