भाई के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी बहन की हालत बिगड़ी
◆ आमरण अनशन 48 घंटे के लिए स्थगित, लक्ष्मीना का हालत बिगड़ने पर, अस्पताल में भर्ती
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड/ बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के पलिया गांव निवासी रमेश पटेल की कथित हत्या के पर्दाफास को लेकर आमरण अनशन कर रही मृतक की छोटी बहन की हालत बिगड़ने पर उसे सीएचसी सीयर में भर्ती कराया गया। इस दौरान आंदोलनकारियों द्वारा अपना अनशन 48 घंटे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने इस दौरान एक पत्रक देकर पुलिस को 48 घंटे में मामले के खुलासे की मांग की गयी। उधर अस्पताल के अधीक्षक ने अनशनकारी महिला की हालत गंभीर परन्तु काबू में बताया है।
पलिया निवासी रमेश पटेल की कथित हत्या का राज उलझता जा रहा है। पीड़ित के मुताबिक इस मामले में जहां पुलिस मामले को आत्महत्या का रूप देने में आमादा है वहीं अनशनकारी सहित ग्रामीण इसे हत्या मान रहे हैं। भाआपा के नेतृत्व में भाई के हत्यारों को गिरफ्तार कराने के लिए 3 अगस्त से तिरनई चट्टी पर आमरण अनशन पर बैठी मृतक की छोटी बहन लक्ष्मीना देवी की हालत सोमवार को चौथे दिन और विगड़ जाने पर वहां मौजूद सीओ रसड़ा केपी सिंह, एसएचओ उभांव तेजप्रताप सिंह व नगरा एसएचओ की उपस्थिति में उसे अनशन स्थल से ईलाज के लिए एम्बुलेंस से सीएचसी सीयर पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी जांच के बाद हालत गंभीर पर काबू में बताया। इस दौरान पुलिस के कहने पर अनशनकारियों ने मामले के पर्दाफास के लिए उन्हे 48 घंटे का सशर्त समय दिया तथा इतने समय के लिए अनशन स्थगित कर दिया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी राधेश्याम पाठक के अलावा अनशन स्थल पर भाआपा के विनोद यादव, लालसी देवी, लालमति देवी, मंसा देवी, ज्योति देवी, लालबची देवी, रामसूरत यादव, हीरामन पटेल, उमेश पटेल, भरत पटेल, वारिसअली खां, शिवमुनी, राघवेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
एक था रमेश पटेल…
पलिया निवासी रमेश पटेल 27 वर्ष चेन्नई में खिलौने बेच कर अपने परिवार का पेट पालता था। माता-पिता की मृत्यु के बाद गांव में सिर्फ उसकी पत्नी ही रह गयी थी। पति की अनुपस्थिति में वह गांव में एक व्यूटी-पार्लर का संचालन करती थी। पिछले दो माह पूर्व उसका पति चेन्नई से आकर गांव में ही रह रहा था। 4 मई शुक्रवार की रात रमेश गांव में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने गया हुआ था उसके साथ उसकी पत्नी सोमारी भीं दुल्हन सजाने के कार्य से वहां गयी हुई थी। सोमारी के अनुसार जयमाल आदि के बाद रमेश रात को उसे घर छोड़कर पुनः शादी में शामिल होने चले गये थे। जाते समय वह घर के दरवाजे में बाहर से ताला लगाकर कर गये। इसी बीच रात में कब रमेश अपने घर आकर बरामदे में पड़ी चारपाई पर सो गया इसकी खबर उसकी पत्नी को नही लगी थी। सोमारी के अनुसार दूसरे दिन शनिवार की सुबह 6 बजे जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा की आंगन में उसका पति सोया हुआ है। उसने जब अपने पति को जगाने का प्रयास किया तो उसकी हालत देखकर उसके होंश उड़ गये। बिस्तर पर अपने पति को मृत देख उसने रोना शुरू कर दिया। इस दौरान शोरगुल सुनकर आसपास के लोग भी वहां जा पहुंचे। घटना के समय रमेश अपनी चारपाई पर मृत पड़ा था तथा उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी तथा उसकी गर्दन पर गहरा काला निशान भी मौजूद था। उस दौरान युवक की संदिग्ध मौत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गयी। मौत के बारे में कोई कुछ बताने से परहेज कर रहा था। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची उभांव पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद मृतक का शव पीएम के लिए अपने कब्जे में ले लिया। घटना के सम्बन्ध में पुलिस का कहना था कि पीएम की रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा। सोमवार को जब पीएम रिपोर्ट में गला कसने से रमेश की मौत की पुष्टि की गयी तब ग्रामीण युवक की हत्या होने की चर्चा शुरू हो गयी।
पति की मौत को लेकर बदलते रहे हैं पत्नी के बयान…
रमेश पटेल की मौत के चौथे दिन बुधवार को उसकी पत्नी सोमारी देवी ने उभांव पुलिस को एक तहरीर देकर पति की हत्या किये जाने का आरोप लगाते हुए उसके हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। परन्तु तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मृतक की पत्नी की तहरीर के बाद भी इस मामले कोई दिलचस्पी न दिखायी तथा मुकदमा दर्ज नही किया। मुकदमा दर्ज न होने पर भारत आजाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र पटेल ने एसपी बलिया श्रीपर्णा गांगुली से मिलकर उन्हे इस घटना की पूर्ण जानकारी दी। एसपी बलिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच तत्कालीन सीओ रसड़ा अवधेश प्रसाद चौधरी व फोरेंसिक टीम को सौंप दी। एसपी के निर्देश के बाद सीओ रसड़ा ने उक्त शादी के कार्यक्रम में बनाये गये वीडियो की भी प्रति लेकर गहन जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम व सीओ की जांच में पुलिस ने इसमें काफी सफलता मिलने के संकेत भी दिये। परन्तु बाद में इस मामले में पुलिस द्वारा लगातार जांच की बात बताये जाने पर भाआपा ने तहसील मुख्यालय व बाद में तिरनइ चट्टी पर पहले क्रमिक व बाद में आमरण अनशन शुरू किया। आमरण अनशन शुरू होने के दूसरे दिन एसडीएम एसडीएम राधेश्याम पाठक, सीओ रसड़ा व थानाध्यक्ष उभांव के अनशनकारियों से बातचीत के बाद 15 दिन में मामले का पर्दाफास करने का आश्वासन देने के उपरान्त उक्त अनशन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। परन्तु इस दौरान अनशनकारियों द्वारा दी गयी चार सूत्रीय मांग में से किसी पर कोई कार्यवाही नही की गयी। इस बीच मृतक की छोटी बहन लक्ष्मीना देवी ने अपनी भाभी पर ही अवैध सम्बन्धों के चलते भाई की हत्या का आरोप लगाया। परन्तु पुलिस द्वारा इस मामले को लेकर एक बार फिर चुप्पी को देखते हुए अनशनकारियों ने 156/3 के तहत मुकदमा दज कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत द्वारा इस मामले में पुलिस से मांगी गयी रिपोर्ट में मृतक की पत्नी के लगे बयान में उसने बताया है कि उसके पति चेन्नई में खुद का विजनेस करते थे। मार्च में उसकी तबियत खराब होने पर वह चेन्नइ से घर आये थे। इस दौरान 4 मई को पड़ोस में पति के दोस्त सत्यप्रकाश की बहन की शादी थी। सोमारी के बयान के अनुसार उस शादी में उसके पति उसे लेकर गये तथा बाद में वे उसे घर लाकर उसे रात में लगभग 9 बजे दवा खिलाये तथा रात में फिर आकर उसे बारात ले जाने की बात कहकर घर का दरवाजा बंदकर वापस चले गये। पत्नी के अनुसार रात में वह कब आये उसे पता नही। जब वह 5 बजे उठी तो अपना दरवाजा खटखटाई परन्तु वह नही खुला। जब वह दरवाजे से झांक कर देखी तो उसके पति कपड़े का फंदा लगाकर बीम से लटके हुए थे। यह देख वह खिड़की से निकलकर बाहर आयी और अपने पति को पकड़कर जोर-जोर से रोने लगी। उसके बयान में आगे लिखा है कि वह इस दौरान छत पर भी गयी तथा वहां भी जोर-जोर से रोई तथा चिल्लाई परन्तु वहां कोई नही आया। बाद में वह पुनः नीचे आयी तिा अपने पति का पैर पकड़कर जोर-जोर से रोने लगी। पुलिस को दिये गये पत्नी के बयान के अनुसार इस बीच पता नही कैसे उसके पति चारपाई पर नीचे गिर गये। पति के चारपाई पर गिरने के बाद पत्नी ने उसकी जेब से मोबाइल निकालकर उनके दोस्त सत्यप्रकाश को फोन की तथा उसे जल्दी से वहां बुलाई। बुने के बाद वे तुरंत वहां पहुंच गये तथा दरवाजा खटखटाने लगे। उनके दरवाजा खटखटाने के बाद उसने दरवाजा खोला। जब वह अंदर आये तो उसके पति का हाथ छुकर वापस चले गये तथा लालू की मम्मी को वहां भेजा। मृतका की पत्नी का उनके फांसी लगाने के बारे में कहना है कि उसके ससुर के आपरेशन के चलते उसके पति पर काफी कर्ज था जिसके चलते उन्होने ऐसा कदम उठाया हो। मृतक की पत्नी के इस मामले में बदलते बयान के बावजूद पुलिस द्वारा उसकी बात पर इतना विश्वास को लेकर लोग काफी हैरान हैं।

