चिकित्सक रहे हड़ताल पर, अस्पताल बंद, डीएम को ज्ञापन सौंपा
(संदीप मौर्य)
मऊ। नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्टेट्स इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर मऊ जनपद के चिकित्सक इण्डियन मेडिकल एसोशिएशन के तत्वावधान में धिक्कार दिवस के रुप में प्रात: 06 बजे से शाम 06 बजे तक अपने-अपने अस्पतालों में इमरजेंसी के अलावा सभी काम ठप कर 12 घण्टे के घोषित हड़ताल पर रहे। इस दौरान चिकित्सकों ने अपने-अपने अस्पतालों व घरों से आकर एक जगह इकट्ठा हुए मीटिंग की तथा वहां से सीधे जिलाधिकारी कैंपस पहुंचे तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की एवं अपने समस्याओं के मांग पत्र का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को भेजा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को मऊ जनपद के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चिकित्सक नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लेकर सबसे पहले राहुल नर्सिंग होम के सभागार में इकठ्ठा हुए। वहां पर प्राइवेट चिकित्सको ने पूरे दिन सायं 06 बजे तक हड़ताल के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाये। सभी चिकित्सक बैठक कर एजेण्डा तय किए। राष्ट्रीय नेतृत्व के दिशानिर्देश में अपने मांग पत्र का एजेण्डा लेकर जिलाधिकारी कैम्पस पंहुचे तथा अपनी मांग पत्र के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, चिकित्सक वहां से डीएम के चैम्बर में पंहुच जिलाधिकारी प्रकाश बिन्दु को सरकार को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।
चिकित्सको के हड़ताल की खबर जहां सोशल मीडिया पर कल ही वायरल होने से सामान्य उपचार के मरीज समाचार के बाद अस्पताल को नहीं निकले वहीं जिन्हें सूचना नहीं मिली, ऐसे आस पास व दूर-दराज से आये मरीजो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।आईएमए के सचिव डॉ. अशोक वर्मा ने बताया कि बिल के विरोध आईएमए ने नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का विरोध करते हुए बिल को पूर्णत: अलोकतांत्रिक, गरीबों के विरूद्ध बताया। कहा कि इस बिल के माध्यम से भारत सरकार के समस्त अधिकारों को केन्द्रीयकृत करने का इरादा स्पष्ट दिखाई देता है। लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन अलोकतांत्रिक है। राज्य चिकित्सा का प्रतिनिधित्व पूर्ण रूप से हाशिए पर कर दिया गया है। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि यदि यह बिल पास होता है तो विरोध प्रदर्शन के लिए हम लोगों को बाध्य होना पड़ेगा। और हम लोग इस दिन को धिक्कार दिवस के रूप में मनायेंगे।

