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आजमगढ़ में मीडिया ने किया स्वचिंतन और लोकतन्त्र पर विचार मन्थन

(आजमगढ़ से श्रीगोपाल नारसन)

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित दो दिवसीय मीडिया समग्र मन्थन 2018 संगोष्ठी में भड़ास फॉर मीडिया के सम्पादक यशवंत सिंह की मौजूदगी मे मीडिया से जुड़े लोगो ने मीडिया से उम्मीदे के सवाल पर अपने अपने अनुभव बांटे। आज तक के पत्रकार रामकिंकर ने कहा कि मीडिया की उसकी निष्पक्षता को लेकर कितनी भी आलोचना क्यो न करे लेकिन जब ऐसे लोग संकट मे होते है तो वे अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया के पास ही आते है। इसी तरह मीडिया मिरर के सम्पादक प्रशांत राजावत ने कहा कि मीडिया मे जो सच्चाई परोसना चाहता है उनकी आवाज मीडिया के लोग ही निजी स्वार्थ की चाहत मे दबा देते है। वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश अखिल ने बिहार मे सत्ताधीशो द्वारा पत्रकारो की आवाज दबाने के लिए अपनाये जाने वाले हथकण्डो की जानकारी दी और अपने उत्पीड़न की दांस्ता सुनाई। वही हैदराबाद से आये प्रोफेसर ऋषभ देव शर्मा ने पत्रकारिता के मूल्यों को लेकर विचार विमर्श किया तो वर्धा हिन्दी विश्व विद्यालय से आये प्रोफेसर देवराज ने हिन्दी को क्षेत्रीय भाषाओ को आगे बढ़ाने वाली राष्ट्र भाषा के रूप मे प्रतिष्ठित जन जन की भाषा बताया ओर स्वयं के द्वारा गैर हिन्दी भाषी क्षेत्रो मे किये गए हिन्दी अभियान के अनुभव बांटे।व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने बड़े ही प्रभावी ढंग से मीडिया मे हो रहे परिवर्तन को लेकर चर्चा की तो वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त ने मीडिया को कमजोर करने के लिए सरकार द्वारा बनाये जा रहे मनमाने कानूनों पर सवाल उठाये। छ राज्यो से आये पत्रकारो की मौजूदगी मे कई पत्रकार व साहित्यकार विभूतियो को सम्मानित भी किया गया।
उद्घाटन सत्र मे लोकतन्त्र,मिडिया और वर्तमान समय विषय पर अत्यंत गम्भीर व सार्थक संवाद के आयोजन के साथ साथ शार्प रिपोर्टर मासिक पत्रिका के उत्तर प्रदेश एवम् उत्तराखण्ड विशेषांक का विमोचन भी किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता रुड़की से आये साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डा योगीन्द्र नाथ शर्मा अरुण ने की और मुख्य अतिथि के रूप मे उत्तर प्रदेश के पूर्व डी जी पी प्रकाश सिंह के साथ ही अंतरराष्ट्रीय महात्मा गांधी हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के वरिष्ठ प्राध्यापक डा देवराज,उत्तराखण्ड से आये स्वतन्त्र पत्रकार श्रीगोपाल नारसन,दिल्ली से आये डा गोपाल राय तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार जय नारायण सिंह ने लोकतन्त्र व मीडिया पर अपने सारगर्भित विचार रखे।दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के चर्चित पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस संवाद उत्सव को सम्बोधित किया और पत्रकारो द्वारा पूछे गए प्रश्नो के उत्तर भी दिए। इस संवाद उत्सव मे दो प्रस्ताव पारित किये गए। जिनमें केंद्र व राज्य सरकारो से यह मांग की गई कि पत्रकारो की राष्ट्र व्यापी सुरक्षा के लिए केंद्र व राज्यो की सरकारे तुरन्त प्रभावी कानून बनाये साथ ही अपना दायित्व निभाते हुए पत्रकार की हत्या पर या मौत पर उसके परिवार की शहीद सैनिको की भाँति ही सुविधा दी जाये। कार्यक्रम का सफल संचालन अमन त्यागी ने किया तो शार्प रिपोर्टर पत्रिका के सम्पादक अरविंद सिंह व संस्थापक वीरेंद्र सिंह ने अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया।

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