भाजपा नेता की जान को खतरा! मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लगाई गुहार
० गाजीपुर की घटना के बाद इस तरह का आरोप लगना एक गंभीर मामला है। जिला प्रशासन को इन आरोपों को गंभीरता से लेकर जाँच करानी चाहिए!
मऊ। पूर्व सभासद, नगर पालिका परिषद मऊ सामाजिक कार्यकर्ता, भारतीय जनता पार्टी के नेता छोटे लाल गाँधी
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कुछ संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न कर अपराधियों को संरक्षण देने व अपनी हत्या कराने की साजिश रचने के संबंध में आरोप लगाया है!
श्री गांधी ने कहा कि मेरी अनेक ऑनलाइन एवं लिखित शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उल्टे गुमराह एवं धोखाधड़ी कर अपराधियों को संरक्षण दिया गया और जा रहा है। इस कारण मेरी जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। कहा कि,
मेरी शिकायतों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार है –
1. ऑनलाइन शिकायतें –
संदर्भ संख्या –
1519223209861, 40019225009886, 60000250156691, 12192250157500, 6000250154335, 12192240177784, 20019224010930, 60000250095905, 15192250058293, 151922501151199, 60000250199264, 40019225013358, 6000250191128।
(जिन पर गुमराह करने वाली निस्तारण रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई।)
2. लिखित शिकायत (दिनांक 02.09.2025) –
जनसुनवाई में जिलाधिकारी महोदय, मऊ को गृह-कर, विद्युत चोरी एवं तहबाजारी ठेका से संबंधित 3 पत्र दिए।
यह पत्र कार्यालय डाक पंजी क्रमांक 3062 एवं 3064 में दर्ज हैं। विद्युत विभाग को भेजे गए पत्र का संदर्भ संख्या – 20019225008100 है।
3. एफआईआर हेतु पंजीकृत सूचना –
दिनांक 01.08.2025 को बिना वैध पत्र एवं कागजात के अवैध रूप से गृह-कर लगाने व अन्य के विरुद्ध थाना सराय लखनसी मऊ को।
दिनांक 02.09.2025 को नगर पालिका परिषद मऊ में पार्किंग/टैक्सी स्टैंड ठेका मे पदीय अधिकार का दुरूपयोग करने, बिना अनुबंध तहबाजारी वसूली कराने, सरकारी धन की लूट एवं गबन के विरुद्ध थाना कोतवाली मऊ को।
4. अनुसूचित जाति भूमि विवाद –
शाहिद लारी द्वारा अनुसूचित जाति की भूमि क्रय करने के प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट मऊ के आदेश पत्रांक 1300 दिनांक 07.07.2025 के बावजूद एसडीएम सदर मऊ द्वारा न तो जांच रिपोर्ट प्रेषित की गई और न ही कार्रवाई की गई।
उन्होंने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से कहा की, चूँकि उपरोक्त प्रकरण माफिया विधायक स्व. मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों का है, अतः जानबूझकर कार्रवाई न कर अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही मेरी हत्या कराने की साजिश रची जा रही है ताकि फाइल बंद हो जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि उपरोक्त शिकायती पत्रों पर दिए गए आदेश/निर्देश एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा भेजी गई निस्तारण रिपोर्ट को स्वयं तलब कर अवलोकन करें। दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर, उसकी प्रति तलब की जाए ताकि गुमराह न कर सके। मेरे जान–माल एवं सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि मेरे साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए शिकायतों में नामित एवं चिन्हित व्यक्तियों को ही जिम्मेदार माना जाए। इन्होंने इस मामले का संलग्नक पत्र की प्रति
सूचानार्थ जिलाधिकारी जनपद मऊ व पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ को भी भेजी है!


