सारे गीले-शिकवे भुलाकर सुलह समझौते के साथ आदर्श जीवन जीने की जरुरत : शिवकुमार
घोसी /मऊ। स्थानीय तहसील के सभागार में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ के तत्वाधान में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर एसडीएम टीपी वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। जिसमें लोगों को उनके व्यवहारिक जीवन काम आने वाले विधिक अधिकार के बारे बताकर जगरूक करने के साथ ही तमाम अधिकारों को संरक्षित करने पर बल दिया गया। जिससे विधि के समक्ष समानता हो और सबको समान रुप से न्याय मिल सके।
जिला प्राधिकरण के सचिव शिव कुमार ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हमे आवश्यकता इस बात की है कि आपसी सहमत व सारे गीले शिकवे को भुला कर सुलह समझौते करके एक आदर्श जीवन जीने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि दो लोगों के मध्य में चल रहे विवाद को मध्यअध्यक्षता से समाप्त कर दिया जाये तो इससे बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं होगा। नाबालिक एवं बालिक के अधिकारों के अधिकार को विस्तार पूर्वक बताने के साथ ही अधिकारों को संरक्षित करने पर भी बल दिया ।साथ ही घरेलू हिंसा, किशोर अपराध, बाल संरक्षण आदि के बारे में भी जानकारी दी तो वही गरीबों एवं असहायों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध होने के प्रावधन की जानकारी दी ताकि उनको भी कानूनी न्याय मिल सके। उपजिलाधीकारी टीपी वर्मा ने कहाकि यदि काश्तकार अपने खेत कि पैमाइश करना चाहते है तो निर्धारित प्रारूप के अनुसार शुल्क जमा कर करा सकते है। इसमें कोई परेशानी हो तो समाधान के लिए सम्पर्क कर सकते है ।खारिज दाखिल एवं वरासत के बारे मे भी विस्तार पूर्वक बताया ।अधिवक्ता कालिकादत्त पाण्डेय ने सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को हटाने के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए प्रशासनिक अधिकार एवं प्रभाव को भी बताया। शासकीय अधिवक्ता सतीश तिवारी ने कहाकि विधि की मंशा यह है कि समाज में व्याप्त आपसी मतभेद को मिटाकर एकरूपता, समानता एवं सम्मानित जीवन जीने का अधिकार प्रदान करें।
शिविर को दिनेश कुमार ओझा, रमेश श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह ने सम्बोधित करते हुए पर्यावरण प्रदूषण के हानियों के बारे में बताते हुए स्वयं के होने वाले नुकसान के प्रति सतर्क किया। संचालन अनिल कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर पीसी राय, विपुल कुमार राय, राम बदन मौर्य, अरविन्द सिंह, वीके वर्मा, सूर्यभान मौर्या आदि उपस्थित रहे।

