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पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा योजना का लाभ,14 अगस्त तक आवेदन करें 

मऊ। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, राजेश रोमन ने बताया कि आयुक्त एवं निर्देशक उद्योग हस्तकला एवं उद्यम निदेशालय उ०प्र० कानपुर द्वारा प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारस्परिक कारीगरों के विकास हेतु विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना वर्ष 2023-24 के संचालित किये गये हैं, इस योजना के अन्तर्गत जनपद मऊ के परम्परागत दस्तकारों जैसे दर्जी, कुम्हार, नाई, हलवाई, मोची, टोकरीबुनकर एवं राजमिस्त्री हस्तशिल्पियों के आजीविका के साधनों को सुदृढ़ीकरण हेतु कारीगरों को कौशल वृद्धि हेतु प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाना है। प्रशिक्षण अवधि का मानदेय देकर सभी प्रशिक्षार्थियों को उन्नत प्रकार के टूलकिट प्रदान किये जायेंगे। जिसके लिए आवेदक उ०प्र० का मूल निवासी हो। आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक को पारम्परिक, बढ़ई, दर्जी कुम्हार, लोहार, नाई, हलवाई, मोची टोकरी बुनकर एवं राज आदि व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु जाति एक मात्र आधार नहीं होगा। परम्परागत कारिगरी से जुड़े होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका/नगर निगम के सम्बन्धित वार्ड के सदसा द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
आवेदन-पत्र केवल बेबसाईड www.diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाईन भरा जायेगा तथा स्वप्रमाणित समस्त प्रपत्रों के साथ कार्यालय में जमा किया जायेगा। आवेदन करने की अन्तिम तिथि 14 अगस्त 2023 सांय 5:00 बजे तक है। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, मऊ में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क किया जा सकता है।

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