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आकस्मिक रोगो से सुरक्षा,यही हमारी प्राथमिकता – डॉ सुजीत सिंह

0 विश्व इमरजेंसी मेडिसिन दिवस पर सोसाइटी फॉर इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया यूपी चैप्टर ने आयोजित किया “बीएलएस” परीक्षण कार्यक्रम

मऊ । किसी भी मेडिकल आपात स्थिति में लोग पीड़ित को सीधे अस्पताल लेकर भागते हैं। कई मामलों में तब तक बहुत देर हो जाती है। मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा से ऐसी जिंदगियां बचाई जा सकती है। भारत सहित तमाम देशों में इसको लेकर लोग जागरूक ही नहीं हैं। उक्त बाते सोसाइटी फॉर इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया यूपी चैप्टर के अध्यक्ष डॉ सुजीत सिंह शारदा नारायण इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में विश्व इमरजेंसी मेडिसिन दिवस पर आयोजित “बीएलएस” परशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे।कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) कैसे करे इस तकनीक के बारे में बताया गया। यह इमरजेंसी मेडिकल टेक्निक है जिसके जरिए किसी व्यक्ति की सांस या दिल के रुक जाने पर उसकी जान बचाई जा सकती है। जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है, तो उसे कार्डिएक अरेस्ट होता है। कार्डिएक अरेस्ट के दौरान, हृदय मस्तिष्क और फेफड़ों सहित शरीर के बाकी हिस्सों में खून पंप नहीं कर सकता है। उपचार के बिना मृत्यु मिनटों में हो सकती है। सीपीआर में मरीज की छाती पर दबाव बनाया जाता है जिससे ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम में वीडियो के माध्यम से व्यस्क और बच्चो को सीपीआर कैसे करे इसकी तकनीक के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में बच्चो ने पेंटिंग के द्वारा आकस्मिक चिकित्सा के बारे में भी बताया। इस मौके पर मैनेजर शिवकुमार सिंह , प्रधानाचार्य मंजू ,संजीव , अनपूर्णा सिंह कंचन यादव आदि लोग मौजूद रहे।

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