डेरी फार्म खोल दूध, दही, पनीर व खोवा का उत्पादन कर रहे रामनारायण साहू
(फतेहबहादुर गुप्ता)
रतनपुरा/मऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राम नारायण साहू पशुपालन विभाग के देखरेख में अपना डेरी फार्म खोल रोजगार के साथ-साथ लोगों के बीच शुद्ध दूध देने का लक्ष्य बना ग्रामीण इलाके के युवाओं को सीख देने का कार्य कर रहे हैं कि तन,मन व धन से काम किया जाये तो कुछ भी सम्भव है। उन्होंने डेरी फार्म में उम्दा नस्ल की 30-35 गाय रखे हैं, जिससे इन्हें दुग्ध उत्पादन में भारी सफलता मिल रही है। यद्यपि व्यापारी नेता रामनारायण साहू का पशुपालन विभाग के देखरेख में डेयरी फार्म का खोला जाना बहुत ही उम्दा प्रयास है। इनके प्रयास को सार्थक बनाने में रतनपुरा पशु चिकित्सालय के चिकित्सकों का बहुत बड़ा योगदान है। जिनके मार्गदर्शन में वह डेरी फार्म खोल करके अच्छा धनार्जन कर रहे हैं,इन गायों से उत्पादित दूध , खोवा और पनीर तैयार करके उसकी बिक्री बाजार के सोनू चाऊमीन सेंटर एवं मिष्ठान भंडार से करते हैं। उनके स्वयं के मिष्ठान भंडार से पनीर छेना और खोया से तैयार मिष्ठान की अच्छी खासी खपत है। वह पशुओं की संख्या बढ़ाना चाहते हैं, इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के देखरेख में वह अपने पालित में दुधारू पशुओं को टीके, वैक्सीन वगैरह लगाते रहते हैं तथा उनके हरे चारे की व्यवस्था उनके अपने निजी कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। व्यापारी नेता रामनारायण साहू के इस प्रयास को स्थानीय लोगों का व्यापक सहयोग है जो कि 30 से 35 अदद दुधारू गाय हैं जिनकी देखभाल तथा उन्हें समय से चारा, भूसा की व्यवस्था करना वाकई काफी मुश्किल भरा काम है। परंतु साहू पूरी मुस्तैदी से अपने परिवार के साथ इनकी देखभाल करके दुग्ध क्रांति में मिसाल कायम किए हुए हैं। चुकि साहू पुश्तैनी व्यापार के मर्मज्ञ हैं, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामनरेश साहू पशुपालन विभाग के देखरेख में पशु गृह की ऊंचाई ,उसकी साफ-सफाई ,हरे चारे तथा भूसा की व्यापक स्तर पर व्यवस्था करते हैं। समय समय पर पशु चिकित्सालय रतनपुरा के चिकित्सा अधिकारी इन पशुओं की स्वास्थ्य जांच भी करते रहते हैं। तथा उनके निर्देशानुसार डेयरी फार्म के दुधारू पशुओं की देखभाल की जाती है। हालांकि महंगाई के इस दौर में प्रयाप्त स्तर पर भूसा संग्रहित करना, हरे चारे की व्यवस्था करना काफी दुरूह कार्य है। परंतु महंगाई के इस दौर में कठिन परिश्रम करके इसकी व्यवस्था करने में सफल है। अपनी उच्च गुणवत्ता की वजह से इनके स सोनू चाऊमीन सेंटर एवं मिष्ठान भंडार में उत्पादित छेना खोया की मिठाइयां हाथो हाथ बिक जाती हैं। व्यापारी समाज के लोगों ने उनके डेयरी फार्म और मिष्ठान भंडार के उज्जवल भविष्य की शुभ कामना की है।
हालांकि पशुओं की देखरेख तथा चोरों से बचाव के निमित्त उन्होंने देसी नस्ल के दो कुत्तों को भी पाल रखा है जो किसी के भी आगमन की सूचना अपने चित परिचित अंदाज में देते हैं! जिससे लोग काफी चौकन्ने हो जाते हैं।

