युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच ने देश के विभिन्न हिस्सों के दर्जनों साहित्यकारों का किया सम्मान
दिल्ली। युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच गत आठ वर्षों से हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं में उल्लेखनीय लेखन करने वालों को सम्मानित करता आ रहा है। इस वर्ष भी इन महत्वपूर्ण सम्मानों की श्रृंखला में वर्ष 2022 का शिखर सम्मान ख्यात साहित्यकार आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ (जबलपुर मध्यप्रदेश ), महादेवी वर्मा शीर्षस्थ सम्मान (महिला वर्ग) (पुरस्कार) श्रीमती विनीता शर्मा (हैदराबाद), डी.पी. चतुर्वेदी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड- सुरेश पाल वर्मा जसाला, (दिल्ली), अमीर खुसरो शीर्षस्थ सम्मान (युवा वर्ग) – सुश्री वसुधा कनुप्रिया (दिल्ली), ‘सुलगता मौन’ (कथा संग्रह ) के लिए मुंशी प्रेमचंद कथाकार सम्मान विजय जोशी (कोटा,राजस्थान ), “परनिंदा सम रस कहूँ नांहि “ (व्यंग्य संग्रह) के लिए हरिशंकर परसाई व्यंग्यकार सम्मान आत्माराम भाटी (बीकानेर, राजस्थान, बुधिया लेता टोह” (गीत /नवगीत संग्रह ) के लिए श्रीमती कमलेश प्रशांत स्मृति गीतकार सम्मान बसंत कुमार शर्मा (धौलपुर,राजस्थान), “कोई गीत सुनाओ ना” (बालकविता संग्रह ) के लिए बाल साहित्य सम्मान (काव्य) श्रीमती श्यामा शर्मा (कोटा,राजस्थान ) -“संतू जाग गया” (बालकथा -संग्रह ) के लिए बाल साहित्य सम्मान (कहानी) डा. मृदुला शुक्ला ‘मृदु’ (लखीमपुर खीरी,उत्तर प्रदेश) “मेरे भीतर आप” (कविता संग्रह ) के लिए विष्णु पराड़कर गैर हिंदी भाषी साहित्यकार सम्मान श्रीमती सुनीता लुल्ला (हैदराबाद, तेलंगाना ), “आनंदी’’ (उपन्यास) के लिए राम अजोर शुक्ल स्मृति नवलेखन सम्मान श्रीमती मीनाक्षी मिश्रा (गुरुग्राम ,हरियाणा ), त्रिभवन कौल स्मृति सशक्त लेखनी सम्मान श्रीमती सुधा मिश्रा (कोलकाता,प.बंगाल ) तथा गणेशशंकर विद्यार्थी श्रेष्ठ पत्रकारिता सम्मान रजनीश त्रिवेदी (देहरादून ,उत्तराखंड) व डॉ रमा द्विवेदी (हैदराबाद ) द्वारा उनकी लघुकथा की विमोचित पुस्तक “मैं द्रौपदी नहीं हूं” की भूमिका लिखने के लिए केदार नाथ शब्द मसीहा (नई दिल्ली) व रामकिशोर उपाध्याय अध्यक्ष /युवा उत्कर्ष सहित्यिक मंच का विशेष सम्मान किया। को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कृत साहित्यकारों को पुरस्कार-राशि के साथ स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंच की मीडिया पार्टनर ट्रू मीडिया की ओर से ओमप्रकाश प्रजापति, मुख्य संपादक – ने छ : “ वरिष्ठ साहित्यकारों /समाजसेवियों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए अश्विनी कुमार (चंडीगढ़ ), भारतभूषण शर्मा (मेरठ ,उत्तर प्रदेश ), राजेश सिंह ‘श्रेयस’, (लखनऊ ,उत्तर प्रदेश ),मनोज मिश्रा कप्तान (दिल्ल्ली ), सुश्री शशि पाण्डेय (दिल्ली ) एवं सुश्री मीरा शलभ (गाज़ियाबाद ,उ.प्र.) को भी सम्मानित किया गया ।
अमेरिका से आई विशिष्ट अतिथि डॉ. अनीता कपूर ने मंच के द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। अमेरिका में अपनी संस्था के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे यहाँ आकर अच्छा लग रहा है क्योंकि हिंदी हम सभी को जोड़े हुए है । ग्यारह पुस्तकों को मंच से एक साथ लोकार्पण को अभूतपूर्व बताते कहा कि यह साहित्यकारों की युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के प्रति बढ़ते हुए विश्वास का प्रतीक है । इस अवसर पर उन्होंने कविता का पाठ भी किया । विशिष्ट अतिथि डॉ .विनोद प्रकाश गुप्ता (पूर्व आईएएस ) एवं मुख्य अतिथि डॉ बी.एल. गौड़ ने भी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम भव्य है और ग्यारह साहित्यकारों की पुस्तकों का एक मंच से एक साथ लोकार्पण कराकर मंच ने एक कीर्तिमान स्थापित किया । इसके लिए उन्होंने बहुत बहुत बधाई एवम आमंत्रित करने के धन्यवाद किया। प्रमुख अतिथि डॉ अशोक मैत्रेय ने इस अवसर पर कहा कि संस्था के द्वारा साहित्य सेवा की दिशा में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्य की सराहना करते हुए साहित्यकारों को साहित्य सृजन के समक्ष चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया । समारोह के अध्यक्षता कर रहे प्रो. विश्वंभर शुक्ल ने कहा कि सृजन के आकाश अनंत है । जरूरी नहीं कि हम प्रेम गीत लिखें । आज नवगीत का आन्दोलन चल रहा है । नवगीत में खुरदरेपन का उल्लेख करते हुए कहा कि छंदमुक्त का दम टूट रहा हालाँकि अभी भी बहुत अच्छी रचनाएँ लिखी जा रहीं हैं । सम्मान समारोह के बाद चार घंटे तक काव्य की सरिता बही जिसमें देश के उत्तर से दक्षिण से आये अनेक कवियों –डॉ रमा द्विवेदी (हैदराबाद ), डॉ देव नारायण शर्मा, विजय प्रशांत ,डॉ.पवन विजय ,डॉ पुष्पा जोशी सुश्री शारदा मदरा, सुश्री सुधा मिश्रा (कोलकाता ) अश्विनी कुमार , राजेश सिंह ‘श्रेयस”, विवेक बाजपुरी, विवेक आस्तिक ,श्वेताभ पाठक, मंजु वशिष्ठ, वीणा तंवर ,निखिल गिरि, मिनाक्षी मिश्रा,मनोज मिश्र कप्तान,सूक्ष्मलता महाजन ,राजेंद्र महाजन ,आकाश यादव, रामकिशोर उपाध्याय, सुरेश पाल वर्मा जसाला , डॉ बृजपाल पाल संत, प्रो विश्वंभर शुक्ल, मिलन सिंह,भारती सिंह,बसंत कुमार शर्मा , विजय कुमार जोशी, श्यामा शर्मा,शशि पाण्डेय आदि ने सुमधुर काव्यपाठ किया ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.पुष्पा जोशी ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में किया। संचालन में उनका डॉ. पवन विजय ने सहयोग किया। काव्यपाठ के सत्र का सञ्चालन सुश्री शशि पाण्डेय ने अपने मोहक अंदाज में किया। हीरा लाल गुप्ता के नेतृत्व में खिलाडी सेना के सदस्यों ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण योगदान किया। दिल्ली की अध्यक्ष सुश्री शारदा मदरा ने आये हुए समस्त अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

