परिवार नियोजन : नसबंदी कराएं पुरुष मिलेगा तीन हजार रूपया
मऊ। अब पुरुष निभाएंगे जिम्मेदारी परिवार नियोजन अपना कर दिखाएंगे अपनी भागीदारी, इस थीम के साथ स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन को लेकर अभियान चला रहा है। बीते 21 नवंबर से चार दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जो कि दो चरणों में आयोजित किया जा रहा जिसमें पहले चरण में पुरुष नसबंदी के बारे में जानकारी दी जा रही और पुरुषों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वही दूसरे चरण में नसबंदी की निशुल्क सेवा दी जाएगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेश अग्रवाल जानकारी दी।
सीएमओ डॉ अग्रवाल ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर पुरुष नसबंदी पखवारा शुरू किया गया है जो चार दिसंबर तक चलेगा पुरुष नसबंदी पखवारे को कामयाब करने के लिए सभी तरह के डिस्प्ले से लोगों को समझाने का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिला पुरुष/महिला चिकित्सालय सहित सभी नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पुरुष नसबंदी की उपलब्ध सुविधा की जानकारी दे रहे हैं। प्रत्येक सामुदायिक अधीक्षकों को दो पुरुष नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है।
परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि इस अभियान में विशेष तौर पर पुरुष को जागरूक किया जा रहा है और उन्हें परिवार नियोजन के बारे में बताकर सबसे आसान, सरल और सुरक्षित नसबंदी अपनाने के लिए तैयार करना है, उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन बहुत जरूरी है। इसमें पुरुषों को बढ़-चढ़कर शामिल होना चाहिए।
डॉ यादव ने बताया कि वह पुरुष नसबंदी कराकर परिवार नियोजन का हिस्सा बन सकता है जिसका एक साल के ऊपर एक जीवित संतान हो, उन्होंने बताया कि नसबंदी कराने वाले पुरुष लाभार्थी को रु3000 की राशि के रूप में दिया जा रहा है। इस नसबंदी को प्रोत्साहित करने वाली आशा को रु400 प्रति लाभार्थी दिया जाता है। इस पखवाड़े जो पुरुष नसबंदी करा चुके हैं उनके सहमति पर उन्हें ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी प्रदर्शित किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवीन्द्रनाथ ने बताया कि जिले में पहले चरण में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें दो हजार से ऊपर आशा तथा लगभग 350 एएनएम इस कार्य को कर रही हैं। जिसके बाद दूसरे चरण में इच्छुक पुरुषों को नसबंदी की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। जागरूकता के लिए गांव-गांव में लोगों को नसबंदी कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रोत्साहन अभियान में आशा को भी लगाया गया है। जिन पुरुषों की नसबंदी हो चुकी है, उन पुरुषों को समाज में जागरूकता के लिए विभाग ब्रांड एंबेसडर बनायेगा, जिससे कि अधिक से अधिक पुरुषों को नसबंदी के लिए तैयार कराया जा सके।

