उत्तर प्रदेश

इंडिया पंचायत फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षित ग्राम पंचायत सदस्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला

■ तीसरी सरकार अभियान अंतर्गत इंडिया पंचायत फाउंडेशन के सहयोग से उत्तरप्रदेश के ग्राम पंचायत सदस्यों का ज़ूम तथा व्हाट्सअप के माध्यम से आन लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम विगत 8 महीनों से 50 -50 के बैच में लगातार चल रहा है । जिसमे सदस्य अपनी इच्छा व अभिरुचि से भाग ले रहे है । ●इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अब तक लगभग 6000 सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है । जिसमें लगभग 1000 को द्वितीय स्तर का एडवांस कोर्स का भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है । ●उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत सदस्यों की स्थिति काफी कमजोर व चिंताजनक है । यहां कुल लगभग साढ़े सात लाख (750000) ग्राम पंचायत सदस्यों के पद है । जिसमें से अधिकांश पदों पर बड़ी मुश्किल से एक ही प्रत्याशी मिल पाता है । 2021 के चुनाव में लगभग 18 प्रतिशत पदों पर ही चुनाव हुआ था । लगभग 82 प्रतिशत पदों पर निर्विरोध चुने गए थे। यह और विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि सामान्य निर्वाचन के समय इस श्रेणी के लगभग 2 लाख पद खाली रह गए थे । जो बाद में उपचुनाव के द्वारा भरे गए। ●जो 18 प्रतिशत सदस्य चुनाव लड़कर आये जिनकी संख्या लगभग मात्र डेढ़ लाख है उन्हें ही इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में आमंत्रित किये जाने की योजना बनाई गई थी । लेकिन जब इनका विश्लेषण किया गया तो पता चला कि इनमें से लगभग 30 हजार सदस्य ही ऐसे हैं जो कक्षा 8 या उससे ऊपर शिक्षित हैं ।और इनमें भी मात्र लगभग 10 हजार के मोबाइल नंबर चुनाव आयोग के वेबसाइड पर उपलब्ध हैं । इन्ही 10 हजार को प्रशिक्षण हेतु मैसेज व कॉल करके संपर्क किया गया । जिसमें से अब तक लगभग 6 हजार प्रशिक्षण के लिए आगे आये हैं। दूसरे चरण में निर्विरोध चुने गए शिक्षित सदस्यों को प्रशिक्षण हेतु लक्षित किया जा रहा है। ●19 जून 2022 से प्रशिक्षित तथा सक्रिय सदस्यों की आन लाइन की बजाय भौतिक रूप से एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया जा रहा है । पहली कार्यशाला पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में हो रही है । जिसमे कुल 100 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है । इस कार्यशाला में चर्चा का मुख्य बिषय "पंचायत का संस्थागत विकास तथा गांव की समृद्धि पर केंद्रित है।

■ इस एक दिवसीय कार्यशाला में जहां एक ओर सदस्यगण परस्पर अब तक के अनुभवों को साझा करेंगे वहीं अपने “वार्ड के स्तर पर सामाजिक व मानव विकास की कार्ययोजना ” का निर्माण कर स्थानीय संसाधन जुटा कर उसे क्रियान्वित करने के तरीकों पर सामूहिक रूप से चर्चा व निर्णय लेंगे । इस कार्य योजना में “सतत विकास लक्ष्य” के उन 9 बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस करेंगे जो पंचायतीराज भारत सरकार द्वारा चिन्हित किया गया है ।

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