अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा ने मनाया कुलगुरु संत गणिनाथ जी का जन्मोतसव्
मऊ। बाबा गणिनाथ जी महाराज समग्र वैश्य समाज व भारतीय संस्कृति के संरक्षक तथा उन्नायक थे। वे देवाधिदेव महादेव के शक्तिपुंज स्वरूप थे । हिमालय की गुफाओं के कैलाश मान सरोवर के गुरला स्थित मान्धता पर्वत पर पिता मंनसाराम व माता शिवा के घोर तपस्या के पश्चात भाद्रबदी अष्टमी शनिवार रात्रि संवत 1007 विक्रमीय में योगीश्वर का अवतरण हुआ था।उन्होंने अपने जीवन में अपने दिव्य आभा से समग्र समाज को आलोकित व प्रकाशित किया । उक्त विचार है अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा नगर मऊ के अध्यक्ष डॉ राम गोपाल गुप्ता के। उन्होंने बताया कि कुलगुरु संत गणि नाथ जी का जन्मोतसव् इस वर्ष सादगी रूप मे साकेतिक ढंग से 15 अगस्त शनिवार को ब्रम्हस्थान स्थित मध्यदेशीय वैश्य अतिथि भवन के संभागार मे मनाया गया। इस क्रम मे अशोक आर्य के निर्देशन मे यज्ञ हवन तथा प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मध्य देशीय वैश्य सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस नाथ गुप्त, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री डॉ विनोद गुप्ता, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रभारी रामदास गुप्त, मध्यदेशीय अनाथाश्रम समिति करजौली के अध्यक्ष कुबेर गुप्त, बैजनाथ गुप्त, दयाशंकर गुप्त, विजय गुप्त, गौरव मद्धेशिया, युवा के जिला महामंत्री अमरनाथ मद्धेशिया, आनंद गुप्त, संजय मद्धेशिया, राजेश, ओम प्रकाश मद्धेशिया, दीपक गुप्त, जय प्रकाश गुप्त, सुनील मद्धेशिया, अजय कुमार गुप्त, अपूर्व मद्धेशिया ,श्री प्रकाश गुप्त, छेदी लाल गुप्त, पूर्व युवा जिलाध्यक्ष हेमराज मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।




