दर्जनों ऑटो चालक परिवार लेकर ऑटो रिक्शा से तय किये 15 सौ किलो मीटर का सफर पहुंचे गांव
सरकार वादा की थी कि आप जहां हैं वहीं रुक जाइए, वहीं ठहर जाइए, हम आपको किसी प्रकार का कष्ट नहीं होने देंगे ना आपको भूख से तकलीफ होने देंगे और ना ही आपको रहने में कोई दिक्कत होगा। लेकिन सरकार जो कहती है, अगर वह करने लगे तो फिर किसी को क्या परेशानी हो, और ऐसे में लॉकडाउन में सपनों की बदौलत 50 दिन से ज्यादा ठहरने वाले वह लोग अब बेबस है, परेशान हैं, लाचार हैं। चाहे जैसे जिसको जाने को जो उपाय समझ में आ रहा है वह अपने गांव को लौट रहा है। अपने शहर को लौट रहा है। उसे ना तो अपने कमाई की चिंता है और ना अपने रोजगार की। अभी तो सिर्फ और सिर्फ अपने गांव लौटना चाहता है अपनों के बीच में नून रोटी खाकर जिंदगी जीना चाहता है। लेकिन अपने रोजगार से विमुख होकर घर आना चाहता है। ऐसे में देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में उत्तर प्रदेश के हजारों कामगार अभी तक फंसे हुए हैं। यूपी की योगी सरकार ने ट्रेनों के जरिए उन्हें यूपी लाने के लिए मुहिम शुरू किया है। लेकिन डेढ़ माह से लॉकडाउन में फंसे कई कामगारों का धैर्य अब जवाब देता जा रहा है। काम धंधा बंद हो जाने से इन कामगारों के सामने खाने-पीने का भी संकट गहराने लगा था. कामगारों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी लॉकडाउन में पर्याप्त मदद नहीं मिल रही थी. जिसके चलते यूपी के सैकड़ों कामगार अब मुम्बई से अपने वाहनों से ही निकल पड़े हैं।
इसी क्रम में सोमवार को प्रयागराज की सड़कों पर महाराष्ट्र सरकार के पंजीयन के दर्जनों ऑटो रिक्शा दिखायी पड़े। कई पत्रकारों शुरु की तो उनका दर्द छलक उठे। बताया कि मुम्बई में आजीविका के लिए आटो रिक्शा चलाते थे, वो अपना ऑटो रिक्शा लेकर मुम्बई से प्रयागराज की लगभग 15 सौ किलोमीटर की दूरी पांच दिनों में पूरी किए है। बताया कि हर रोज ढ़ाई सौ से लेकर तीन सौ किलोमीटर का सफर तय करते प्रयागराज पहुंचे हैं। कई आटो रिक्शा में तो लोगों के पूरे-पूरे परिवार तक मौजूद हैं. वहीं कई लोग ऑटो रिक्शा से ही सवारियों और बीमार लोगों को लेकर प्रयागराज पहुंचे हैं। कई ऑटो रिक्शा अभी भी भदोही, वाराणसी, चंदौली की राह पर कई ऑटो रिक्शा अभी आगे भदोही, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए भी रवाना हो रहे हैं। मुम्बई में लॉकडाउन में फंसे सभी लोग इस मुश्किल दौर में जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहते हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें महाराष्ट्र से घर आने के लिए जब कोई साधन नहीं मिला तो वे मजबूरी में अपने ही साधनों से घर की ओर निकल पड़े हैं।
मुंबई से ऑटो से एक परिवार जौनपुर जा रहा था। फतेहपुर में नैशनल हाइवे पर एक्सिडेंट। ऑटो में मौजूद मां-बेटी की मौत। परिवार के 3 लोग की हालत गंभीर।


