अपना जिलाखास-मेहमान

अश्क चिरैयाकोटी : रूख़ हवाओं का

मुख़ालिफ़ ही रहा अक्सर यहाँ पे रूख़ हवाओं का।
क़फ़स में रह गया अरमान उडने का परिन्दों का।।

उन्हें कब याद रहती हैं वफ़ा – अख़लाक़ की बातें।
दिखावा सिर्फ़ करते हैं हमेशा जो उसूलों का।।

अमीरों के लिए खुलते हैं उनके घर के दरवाज़े।
ख़बर लेते कहाँ हैं भूलकर भी वो ग़रीबों का।।

जहाँ देखो वहाँ हर कोई फन फैलाये बैठा है।
भरा इन्सान में है आजकल यूँ ज़ह्र सांपों का।।

हमारे रहनुमा सड़कों पे जब दिखने लगें अक्सर।
समझ लो आने वाला है यहाँ मौसम चुनावों का।।

यक़ीनन उनसे मिलकर मैं बहुत ही ख़ुश हुआ लेकिन।
बहुत रोया मेरा दिल कल हुआ जब ख़ून रिश्तों का।।

कहीं भूखा कोई सोया ,कहीं फेंकी गयी रोटी।
जहाँ में “अश्क” ये तो खेल है सारा नसीबों का।।

लेखक परिचय…

@ अशोक कुमार एडवोकेट “अश्क चिरैयाकोटी”
सिविल कोर्ट मऊ जनपद मऊ
पत्रकार – दैनिक “आज”
9453300275 & 7084665684

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *