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गरीबी से जूझती शाहिना के लिये पीएम की, आयुष्मान योजना बनी वरदान

मऊ। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद के सदर अस्पताल में शाहिना ख़ातून के पेट में दर्जनभर पथरी का ऑपरेशन निःशुल्क और सफलतापूर्वक किया गया और उसके लिये आयुष्मान भारत योजना एक वरदान साबित हुयी है।

देवरिया जिले की रहने वाली शाहिना खातून की उम्र 22 साल है। शाहिना की अभी हाल ही में शादी हुयी थी और कुछ महीने बाद ही शाहिना के पेट में भयंकर दर्द उठने लगा। ऐसे में उसके ससुराल ने डाक्टर की फ़ीस, अल्ट्रासाउंड, दवा के नाम पर देवरिया से लेकर गोरखपुर तक हजारों रुपए खर्च कर दिये लेकिन मर्ज का पता न चला। दूसरी ओर उसके ससुराल वाले भी आर्थिक रूप से कमजोर थे, उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे शाहिना का इलाज किसी बड़े अस्पताल में करा सके।  ऐसे में उसके ससुराल वालों ने शाहिना की इस छुपी हुयी बीमारी के नाम पर उसके घरवालों को बहुत सुनाया। शाहिना के साथ उसके ससुराल वाले भी बहुत परेशान हो चुके थे और उसको परिवार ने अलग रहने के लिए कह रहे थे। जब ये बात उसकी बड़ी बहन शब्बो ख़ातून को पता चली तो वह उसके ससुराल वालों से जाके मिली और उन्हें समझाया और कहा कि वह इसे मऊ ले जा रही हैं वहीँ उसका अच्छा इलाज़ कराएंगी।

जब शाहिना की बड़ी बहन उसको दिखाने जिला अस्पताल गयी तो वहां उनकी मुलाकात आयुष्मान मित्र मनोज से हुयी। शाहिना की बड़ी बहन ने उसके बारे में सब कुछ बताया। इसके बाद आयुष्मान मित्र मनोज ने उसके आधार और राशनकार्ड से प्रधानमंत्री जन आरोग्य केंद्र पोर्टल पर जाँच की तो उसका नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में पाया गया। इस जानकारी से शाहिना और उसकी बड़ी बहन बहुत खुश हुए, जब उनको पता चला कि वह पांच लाख तक का इलाज़ निःशुल्क करा सकती हैं। उनको विश्वास भी नही हो रहा था कि जिसके लिए वह बहुत दिनों से परेशान थी। उसकी शादी और नया घर टूटने कर कगार पर पहुँच चुका था जबकि उसका इलाज मुफ़्त में किया जा रहा है।

इसके बाद सदर अस्पताल में शाहिना की ओपीडी करायी गयी और उसको अल्ट्रासाउंड के लिए कहा गया  अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट के बाद पता चला कि शाहिना के पेट में एक दो नही बल्कि दर्जन पर पथरियों के टुकड़े थे जिसके बाद सदर अस्पताल में शाहिना की संपूर्ण जांच की गयी और उसका सफल ऑपरेशन किया गया। शाहिना उसकी बहन शब्बो, उसकी माँ नज्बुल निशा और ससुराल वाले भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का गुणगान करते नही अघा रहे हैं।

बहन शब्बो ख़ातून ने बताती हैं कि इलाज के दौरान अस्पताल से हर तरह का सहयोग मिला और समय से जांच और दवायें भी उपलब्ध करायी गयी। वह बताती हैं कि आयुष्मान भारत योजना की मदद से शाहिना को एक नया जीवन मिला है।

आप भी पा सकते हैं आयुष्मान भारत लाभ…

आयुष्मान मित्र मनोज ने बताया कि जिले में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में आयुष्मान हेल्प डेस्क का अलग काउन्टर बना हुआ है। जहाँ आधार नम्बर, ब्लॉक का नाम, गाँव, क्षेत्र आदि बताकर पात्र लाभार्थी अपना विवरण प्राप्त कर योजना के अंतर्गत पाँच लाख तक का निःशुल्क इलाज़ करा सकते हैं।

23 सितम्बर 2018 से शुरू हुयी इस योजना में अब तक पूरे जिले में लगभग 170 पंजीकृत हो चुके हैं तथा उनमे से 73 लाभार्थी लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

अब गोल्डेन कार्ड हुआ आसान..!

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी मऊ के विभाग में आयुष्मान भारत का कार्य की मानीटरिंग करने वाले डाक्टर पी0एन0 दूबे ने बताया कि कुल 16 हज़ार लाभार्थी केवाईसी से गुजर के जिले से चयनित हो गये हैं 210 लोग लाभ ले चुके हैं सरकार ने लोगों को परेशानी से बचने के लिये आयुष्मान भारत के अंतर्गत बनने वाले कार्ड को अब और भी आसन कर दिया है गोल्डेन कार्ड अब पात्र व्यक्ति अपने गाव , मोहल्लों , कस्बों , बाजार , चट्टी स्थित निकटतम कामन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा के 30 रुपये में अपना गोल्डेन कार्ड जारी करा सकता है।

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