आन बान शान के मिसाल थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस
मऊ। गाजीपुर तिराहा मऊ में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में रामकुमार गिरिजा देवी मेमोरियल ट्रस्ट मऊ के सौजन्य से आजादी के नायक देश के स्वाभिमान के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती बड़े धूमधाम से मनाया गया ।
सर्वप्रथम नेताजी के चित्र पर सभी अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।आधुनिक भारत में नेताजी की प्रासंगिकता पर विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश सचिव होमियोपैथी विशेषज्ञ डा0 अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जिस तरह से देश के स्वाभिमान को जगाया आज उसी का परिणाम है कि हम आजाद भारत में खुले हवा में साँस ले रहे हैं आगे बढ़ रहे हैं और देश की तरक्की में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं । अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि देश के सबसे पहला फौज “आजाद हिन्द फौज” के विना आजादी की कल्पना भी नहीं की जा सकती । डा0 नम्रता श्रीवास्तव ने कहा कि नेताजी त्याग तपस्या एवं बलिदान के मिसाल थे जिन्होंने अन्याय के विरुद्ध कभी भी समझौता नहीं करने की प्रेरणा दिया । महासभा के वरिष्ठ सदस्य चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि देश में एकलौते ऐसे शख्सियत जिन्हें देश ने नेताजी की उपाधि दो दिया मगर धीरे धीरे भूलते चले गए । आज हर स्तर पर जन्म जागरूकता की जरूरत है जिससे देश के युवाओं में स्वाभिमान जगे । नेशनल कभरेज चैनल के महाप्रबंधक मुरली मनोहर पांडेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता आंदोलन के एक ऐसे चीनगारी थे जो भारत को आजाद कराने में संपूर्ण भारत में तूम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा देकर फीरंगियों का जड़ हिला दिया । नेताजी के बलिदान एवं त्याग के बल पर वह ऐतिहासिक दिन 15 अगस्त 1947 को मिला। भारतीय जनता पार्टी के विधी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक भारत में नेताजी की प्रासंगिकता और भी बढ़ गयी है । हमारी केन्द्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा हमारे सभी महापुरुषों की जयंती हरेक स्तर पर मनाने का निर्देश दिया है जिससे देश की जनता प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें । दिवानी न्यायालय मऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस पढ़ने में भी नंबर वन थे । वो देश के प्रथम आई सी एस थे मगर उन्होंने इतने बड़े पद को त्याग कर देश की आजादी के लिए देश के युवाओं को खड़ा किया । सेवा निवृत्ति कैप्टन डा0 बी बी सिंह ने नेताजी को नमन करते हुए बताया कि वो विदेशी धरती पर भी भारत की आजादी की लड़ाई के लिए फौज बनाने का काम किया हमें गर्व है ऐसे नेता पर आज देश मैं ऐसे ही कुछ और नेताजी की जरूरत है । उपस्थित सभी लोगों ने नेताजी के विचारों को आत्मसात करने का निर्णय लिया और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प लिया । कार्यक्रम में राम विजय प्रफुल्ल खरवार प्रियंका राय हरिनारायण पांडेय अख्तर हसन इमरान सुमन आशा फितिमा फरहत का सराहनीय योगदान रहा ।

