स्वामी सानंद उर्फ प्रो. जीडी अग्रवाल की स्मृति में निकला संकल्प मार्च
मऊ। गंगा को माई कहने वाली सरकार कर रही गंगा के नाम पर कमाई, प्राकृतिक संसाधनों को पूंजी पतियों की लूट से बचाना होगा, स्वामी सानंद अमर रहे जिस गंगा का नहीं विकल्प ले उसकी रक्षा का संकल्प, रिवर को सीवर से मुक्त करो ,नदियों में खनन बंद करो, गंगा मां को धोखा देना बंद करो, जो खुद को कहता मां गंगा का लाल वह है, पूंजीपतियों का …., स्वामी सानंद अमर रहे व्यर्थ नहीं होगा स्वामी सानंद का बलिदान जैसे नारे लगाते गले में तख्तियां लटकाए सैकड़ों लोग स्वामी सानंद उर्फ प्रोफेसर जी डी अग्रवाल की स्मृति में उनके संकल्पों को पूरा करने के लिए संकल्प मार्च करते हुए गाजीपुर तिराहे से रोडवेज मऊ तक आए संकल्प मार्च में अविरल निर्मल पावन गंगा हेतु 30 सितंबर 18 से (अंतरराष्ट्रीय नदी दिवस) से गोमुख से गंगासागर तक 14 जनवरी 2019 तक चलने वाली गंगा सद्भावना यात्रा के मऊ जिला आगमन पर निकाला गया यात्री दल के साथियों का स्वागत इंकलाबी कामगार यूनियन ,मऊ सेवा केंद्र और इंकलाबी नौजवान सभा के साथियों ने किया संकल्प मार्च के रोडवेज पहुंचने पर स्वामी सानंद की स्मृति सभा को संबोधित करते हुए यात्री दल के नेतृत्वकर्ता,लोकतंत्र सेनानी राम धीरज भाई ने कहा कि अंग्रेजी सरकार से भी ज्यादा संवेदनहीन मौजूदा सरकार ने स्वामी सानंद की गंगा बेसिन के 50 करोड़ लोगों की जीवन रेखा मां गंगा को बचाने के प्रयासों को अनसुना कर प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए स्वामी सानंद को अपने जीवन का बलिदान देना पड़ा यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा उनकी मात्र 4 सूत्री मांग है 1-गंगा पर2002 के प्रस्तावित अधिनियम को कानून2 -गंगा पर बन रही सभी पनबिजली परियोजनाओं को बंद कर उनकी डिजाइन को नए सिरे से बनाया जाए 3-गंगा में खनन बंद हो4- गंगा सहित देश की सभी नदियों में सीवर गिराना बंद हो ,यात्री दल में गंगा भक्त साथी ओमप्रकाश ऊर्फअरुणभाई ने कहा कि मां गंगा की धमनियों में (रक्त) जल का प्रवाह रुक गया है मां गंगा को हृदय रोग हो गया है और दवाई दांत की की जा रही है यह हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है संकल्प मार्च के संयोजक अरविंद मूर्ति ने कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी का नाम नहीं है बल्कि एक तहजीब है एक सभ्यता संस्कृति का भी नाम है यह मर जाएगी तो हिंदुस्तान मर जाएगा मौजूदा सरकार को हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए गंगा सफाई के नाम पर 20 हजार करोड रुपए भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ चुका है गंगा जी की भलाई(सफाई)के नाम पर लगाए जाने वाले धन से हजार गुना ज्यादा धन गंगाजल से कमाई के लिए लगाए जा रहे हैं ।सभा को संबोधित करते हुए इकबाल अहमद ने कहा कि गंगा सिर्फ हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए अकीदा (आस्था) के एतबार से पवित्र है। हमारे लिए इसका पानी आबे जमजम की तरह पवित्र है। हर हाल में इसकी पाकिजगी जी की हिफाजत होनी चाहिए सभा को संबोधित करते हुए प्राध्यापक विनय राजभर ने कहा कि गंगा के पानी में जो बायोफाज्म जैसा विशिष्ट अवयय पाया जाता है। जो गंगाजल का गुण तत्व रहा है घनघोर प्रदूषण ने उसे नष्ट कर दिया है। अब गंगा मोक्ष दायिनी नहीं बल्कि रोगदायनीबन चुकी है। सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड बसंत कुमार ने कहा कि आज पूरे देश में चौतरफा लूट प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची हुई है और सरकार इस कारपोरेट लूट को कानूनी जामा पहना रही है हमारे शहर की भी नदी तमसा आज मृत प्राय हो चुकी है जिसके किनारे नगर पालिका द्वारा जलाए जा रहे कूड़े के प्रदूषण से लोगों का जीना दुर्लभ हो गया है सभा को के.डी. सिंहने संबोधित किया। संकल्प मार्च में गौतम कुमार, हरिशचन्द्र भारती, रविन्द्र कुमार, गुडडू राम, आसिफ, दिनेश, विनय, शकील बेलाली, सुभाष राजभर, सामंत कुमार, हरिन्द्र, सुरेन्द्र, उदयभान राजभर, महेश, रामाश्रय भारती, गुडडू राम, सोमनाथ कश्यप आदि ने भाग लिया।

