अपना जिला

सातवीं मोहर्रम में अलम व् दुलदुल का निकला जुलुस

मऊ। क्या ढूंढ रही थी, जंगल में सकीना”, “शाहे शहीदे कर्बला, ले लो सलाम जैनब का”, “हुसैन न मिन्नी वअना मिनल हुसैन”। जिले में मोहर्रम की सातवीं तारीख बड़े ही गम के साथ मनाया गया.. वही शहर के मुंशीपुरा सेल टेक्स रोड पर स्थित मंज़र इमाम (एडवोकेट ) के घर से मोहर्रम की सातवीं तारीख का जुलुस निकला निकला “अलम व् दुलदुल ” का जुलुस निकाला गया.. इस दौरान पुरे इलाके में अकीदतमंदों ने “या अली या हुसैन ” की गुंजो के साथ जुलुस निकला…. वही ताज़ियेदार मंज़र इमाम (एडवोकेट ) ने बताया कि आज मोहर्रम की सातवीं तारीख है..जिसमे इमाम चौक से अलम व् दुलुद्ल का जुलुस बड़े ही गम के साथ निकला…सातवीं मोहर्रम हजरते अब्बास की यादो में मनाया जाता है.. मोहर्रम का महिना गम का महिना है… इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों को कर्बला में शहीद कर दिया गया…. उनकी की याद में मोहर्रम मनाया जाता है….इस अवसर पर शमीम कमाल, वसीम कमाल , मंज़र इमाम (एडवोकेट ), ओजैफ़ा इमाम (शायान ) रज़ा इमाम, शहीद इमाम , जमाल अख्तर (गुड्डू ) , अज़ीज़, भूटेली, दनदन, टिल्लू , अफजल , सोनू , मोनू , असलम, अब्बास, इसराइल , अख्तर , लड्डन , बब्लू , आमिर इमाम , आसिफ इमाम , जैन इमाम , ओजैफ़ा इमाम , ज़ैद इमाम , वाहिद इमाम ,अता इमाम , लकी, विक्की, अमन , शाम आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।

आपको बता दे कि मुहर्रम इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम हिजरी संवत का प्रथम मास है। मुहर्रम इस्लामी साल का पहला महीना होता है। इसे हिजरी भी कहा जाता है। हिजरी सन की शुरूआत इसी महीने से होती है। वही आज मोहर्रम की सातवी तारीख है जिसमे हजरते अब्बास अलमदार की याद में मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *