सिल्वर बेल्स स्कूल के वार्षिकोत्सव में नृत्य नाटिकाओं ने दर्शकों का मन मोहा
◆ कार्यक्रम में प्रतिभाओं का भी हुआ सम्मान
◆ मोबाइल प्रेम के चलते दादा की कहानियों से भी वंचित हो रही नयी पीढ़ी
चकिया/चंदौली। स्थानीय नगर स्थित सिल्वर बेल्स स्कूल का शनिवार की रात सम्पन्न वार्षिकोत्सव में नृत्य व संगीत की धूम रही। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य व एकांकी से दर्शक मंत्रमुग्ध दिखे। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि बीएचयू के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा0 कौशल किशोर मिश्र व विद्यालय के डायरेक्टर प्रभात जायसवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवल के साथ किया।
सिल्वर बेल्स स्कूल का वार्षिकोत्सव विभिन्न पुस्तकों पर आधारित रहा। बच्चों ने इसके माध्यम से जहां अनेक लेखकों की कहानियों से रूबरू हुए वहीं उन्होने उनके पात्रों को अपने अभिनय के माध्यम से बखुबी जीवन्त भी किया। कार्यक्रम में बच्चों का दर्द उस समय छलका जब उन्होने परिवार के सदस्यों के मोबाइल प्रेम के चलते घर में अकेलापन के एहसास व दादा-दादी की कहानियों से अपने आप को वंचित होने की बात कही। कार्यक्रम में बच्चों ने नमो नमो शंकराय नृत्य नाटिका से जहां आगंतुकों का स्वागत किया वहीं ब्लू अंब्रेला ये मेरी नीली छतरी, मोगली के जंगल-जंगल बात चली है, अकबर की सेना, महरबां महरबां, छोटी सी खुशी आदि गीतों पर अपनी नृत्य कला का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने इसके अलावा चाचा चौधरी, डोनाल्ड डक, रूपांजल, स्नो-ह्वाईट, अरेबियन नाइट्स, मिकी माउस नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। एकांकी अकबऱ-बीरबल में जहां बीरबल की सूझबूझ ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया वहीं हिरण्यकश्यप एकांकी में खुद भगवान नरसिंह के अवतार को कटघरे में खड़ा कर नारद मुनि की वकालत का भी आनन्द लिया। हैरी पार्टर नृत्य-नाटिका के माध्यम से बच्चों ने सत्य मेव जयते यानि बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में सुषमा जायसवाल, रमेशचंद भगत, सिद्धार्थ जायसवाल, वेदांत जायसवाल, पुष्पा भगत, अनुपमा अग्रवाल, साधना श्रीवास्तव, आरती जायसवाल, मधु खत्री, सोनम जायसवाल, पूनम यादव, गुलफ्शा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
विद्यालय के सत्र 2017-18 के टापर छात्रों को मुख्य अतिथि डा0 कौशल किशोर मिश्र व सचिव सुषमा जायसवाल ने मेडल व प्रशस्ती-पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले छात्रों में शहनवाज खां, श्लोक सिंह, श्रेया सिंह, अनुभव भारद्वाज, आरएन विश्वकर्मा प्रमुख रहे।


