खास-मेहमान

संगठन के गुणों के साथ ही व्यवसाय का मंत्र भी दे गए बसंत साव

मऊ। व्यवसाई वर्ग की पहचान उसके व्यवसाय से है, ऐसे में ईमानदारी व गुणवत्ता परक व्यवसाय से बढ़ते देर नहीं लगेगी। सभी व्यवसाई बंधु अपने व्यवसाय में इमानदारी पूर्वक व्यवहार करें व अपने ब्रांड को बाजार में विश्वसनीयता के साथ उतारे, जिससे आपको कभी हताशा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उक्त बातें नीको ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के चेयरमैन बसंत साव ने बुधवार को नगर में जायसवाल समाज के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा।
जायसवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक बसंत साव का बुधवार को नगर में जायसवाल समाज सेवा समिति व जायसवाल युवा समाज द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। उक्त अवसर पर उन्होंने स्वजातीय बंधुओं को संबोधित करते हुए एक तरफ जहां संगठन को ईमानदारीपूर्वक चलाने के लिए त्याग, समर्पण का मंत्र दे गए वहीं व्यावसायिक सफलता के लिए ईमानदारी, अथक परिश्रम व धैर्य को ही उन्होंने मूलमंत्र के रूप में बताया। मूल रूप से मऊ जनपद के ही निवासी बसंत साव ने अपने पिता के संघर्षों से लेकर अपने संघर्षों तक की कहानी को बातकर स्वजातीय बंधुओं में अपने व्यवसाय के प्रति लगन के लिए सचेत किया गया। व तमाम दृष्टांत देते हुए कहा गया आप व्यवसाय में अपना एक ब्रांड बनाइए यह तभी सफल होगा जब आप अपने व्यवसाय में इमानदारी पूर्वक धैर्य संयम और लगन के साथ काम करेंगे।
चेयरमैन बसंत साव का जायसवाल समाज पदाधिकारियों ने माल्यार्पण व बुके देकर स्वागत किया। वरिष्ठ संरक्षक हरि जी मुनि द्वारा अंगवस्त्रम व जिला अध्यक्ष कैलाश जायसवाल द्वारा स्मृति चिन्ह देकर बसंत साव को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सुनील जायसवाल, विनय जायसवाल, संतोष जायसवाल, बालादीन जायसवाल, सोनू जायसवाल, सुगंध लोहिया, राधेश्याम जायसवाल, मुन्ना जायसवाल, कन्हैया लाल जायसवाल, पीयूष जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, अजय जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, आशीष कुमार जायसवाल, सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कैलाश जायसवाल व संचालन महामंत्री श्रीराम जायसवाल ने किया।

बिजली व कानून व्यवस्था की समस्या उत्तर प्रदेश में उद्योग ना लगने के प्रमुख कारण…

मऊ। पत्रकारों द्वारा निको ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के चेयरमैन बसंत साव से मऊ में कोई उद्योग ना लगाने संबंधित तीखे सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं बिजली की समस्या दूर नहीं होती तब तक औद्योगिक विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती है। राजनीति में केवल भाषण के नाम पर 24 घंटे बिजली व कानून व्यवस्था दुरुस्त की बात की जाती है, जबकि जमीन पर बहुत बड़ा अंतर है। आज भी महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था दुरुस्त है जिससे उद्यमियों को कोई परेशानी नहीं हो पाती, वही उत्तर प्रदेश में जमीन पर कानून व्यवस्था की हालत बदतर है। पहले सरकार यहां कानून व्यवस्था के साथ ही बिजली की पर्याप्त आपूर्ति व माहौल तैयार करें यहां औद्योगिक विकास होते देर नहीं लगेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *