शिक्षक विधायक रहे ओम प्रकाश शर्मा का निधन
उत्तर प्रदेश के विधान परिषद के अजातशत्रु सरीखे शिक्षक विधायक रहे ओम प्रकाश शर्मा नहीं रहे। लगभग चार दशक तक परिषद की विधायकी ऐसी कि बड़े-बड़े दिग्गज इनकी विद्वता और वक्तृत्व कला के सामने पानी माँगने लगते थे। मेरठ में रहने वाले आदरणीय शर्मा जी और आज़मगढ़ के पंचानन राय जी की परिषद में जुगलबंदी ऐसी थी कि हर दल के नेता उनके सामने पहले ही हार मान लेते थे। लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हेमेन्द्र पी.एस. तोमर अपने फेसबुक पेज पर लिखते हैं, मुझे याद है कि जब भी विधान सभा चलती तो हर बार कोशिश कर के विधान परिषद के पत्रकार दीर्घा का भी अपना पास बनवा लेता। क्योंकि मुझे आनंद आता था कि वास्तव में यही विद्वत चर्चा है, जो ओम प्रकाश शर्मा जी और पंचानन राय जी करते हैं। अपने शब्दों से न जाने कितने ही मंत्रियों और लगभग हर दल के नेताओं को धोबी पछाड़ दिये कि उन्हें आज भी याद होगा। मुझे याद है कि कई बार तो व्यवस्था के मामले में सदन में सभापति अटक जाते थे तो यही दोनों उनको नियमावली के अनुरूप संचालन याद दिलाते थे। पंचानन राय जब कई साल पहले एक रोड एक्सीडेंट में दिवंगत हुए तब से शर्मा जी अकेले पड़ गए थे। अकेले ही सदन को घसीटने की कोशिश करते थे। आज जब वो चले गये तो लगा कि उच्च सदन में विद्वता को बिखेरने वाला एक युग चला गया।
नमन।
श्रद्धांजलि।।

