बुनकरों को मिलने बाली बिजली रेट पर सरकार रच रही साजिश : अहमद हसन
लखनऊ। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन ने बुनकरो को बुनाई हेतु मिलने बाली बिजली रेट की बात करते हुए शंका जताई कि फ्लेट रेट के बुनकरों की सब्सिडी खातों में भेजने के बहाने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सब्सिडी खत्म करने की साज़िश रची जा रही है। श्री हसन ने जीएसटी का विरोध करते हुए इसे लघु उद्योगों की बर्बादी का कारण बताया।
सब्सिडी की धनराशि में बजट से सरकार ने कोई कटौती नही करते हुए 150 करोड़ का प्रावधान रखा है।
सदन के बाद श्री हसन से मऊ के पूर्व नपा अध्यक्ष अरशद जमाल ने बात कि तो अहमद हसन ने बताया कि बुनकरों का यह मुद्दा बहुत अहम है इसको नियम 5 के तहत सदन में उठाकर इसपर पूरी बहस की जायेगी, तब सरकार जवाब देने को बाध्य हो जाएगी। बताते चलें कि बुनकरों को कम रेट पर बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा घोषित किया गया था। जो तब से लगातार अब तक मिलता आ रहा है। लेकिन सरकार इसमें बदलाव कर बिल का सब्सिडी खाते में देना चाहती है। जिससे बुनकरों सहित बुनकर नेताओं में काफी विरोध है योजना का सबसे ज्यादा लाभ मऊ जनपद के बुनकरों को मिलता है। इस मामले में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अरशद जमाल का कहना है कि सरकार इस योजना को पूरी तरह बंद करना चाहती है तथा बंद करने के लिए ही सपा सरकार की योजना में परिवर्तन कर पहले खाते में सब्सिडी देना चाहती है। फिर बाद में धीरे से इस योजना को खत्म कर देना चाहती है। जो बुनकरों के साथ सिर्फ धोखा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकरों के साथ जो खेल रचना चाहती है उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

