फर्जी जन्मतिथि से बने थे ग्राम प्रधान, हुए बर्खास्त
इलाहाबाद। फर्जी फर्जी ही होता है, भले ही आप फर्जीफिकेशन करके अपना कोई काम बना लें लेकिन वह एक न एक दिन तो पकड़ में आ ही जाता है। और आपके द्वारा गलत तरीके से किये गये कोई कार्य से भले ही आपको कोई पद मिल जाये लेकिन जब आपका वह गलत काम पकड़ में आता है तो मिले पद का कुल-कुल पद तो होता ही है, बेईज्जती अलग। ऐसा ही हुआ इलाहाबाद जनपद के विकास खंड कोरांव के गाढ़ा ग्राम पंचायत के प्रधान अरविंद कुमार के साथ। फर्जी जन्मतिथि की पोल खुलने पर डीएम सुहास एलवाई ने प्रधान को पदमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में अरविंद कुमार ने प्रधान पद के लिए पर्चा दाखिल करते समय जन्म तिथि का जो प्रमाण पत्र दिया था उसमें उसकी तारीख 12 जून 1993 लिखी हुई थी। वह चुनाव जीतकर प्रधान बन गया। 2017 में ग्रामीणों ने डीएम ने शिकायत दर्ज कराई कि प्रधान ने जन्म तिथि का गलत प्रमाण पत्र दिया था। प्रधान पद के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल होनी चाहिए। ग्रामीणों की शिकायत थी कि चुनाव के समय अरविंद की उम्र केवल 19 साल ही थी। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 12 जून 1996 है। डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी से जांच कराई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल प्रमाण पत्र की जांच कराई गई। उसमें अरविंद की जन्म तिथि 12 जून 1996 में दर्ज थी। आधार व ड्राइविंग लाइसेंस का भी मिलान कराया गया। जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी आरपी मिश्र ने मंगलवार को डीएम के समक्ष प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने अरविंद को प्रधान पद से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
