कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में बच्चों के लिए ‘पिकू’ वार्ड तैयार
मऊ। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पिछले दिनों चिकित्सा विशेषज्ञों ने आने वाले समय में एक माह से 15 वर्ष बीच के बच्चों को वायरस की चपेट में आने की आशंका जताई है, जिसको लेकर शासन से लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। हाल ही में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रत्येक जनपद को 25 पिकू यानि पीआईसीयू (पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड तैयार करने का आदेश जारी किया गया था । इसी क्रम में मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में पिकू वार्ड स्थापित किया गया है। वार्ड में बाल रोग विशेषज्ञ व चिकित्सकों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी तथा सम्बंधित चिकित्सीय संसाधन व दवाएं उपलब्ध रहेंगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश चंद्र सिंह ने दी।
सीएमओ डॉ सतीश चंद्र सिंह ने बताया कि वार्ड में एक माह से 15 वर्ष तक के गंभीर बीमार बच्चों को अभी इमरजेंसी ट्रायेज असेस्मेंट एवं टीट्रमेंट इकाई में प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाता है। इसका उपयोग कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को सुरक्षित रखने में किया जायेगा। स्वास्थ्य में सुधार होने पर शिशु रोग वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। पाँच वेंटिलेटर के साथ 16 स्टाफ में तीन बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।
सदर अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सी.एस. साहनी ने बताया कि जिला अस्पताल में पहले से ही 10 बेड का पिकू वार्ड स्थापित है, जिसमें एक समय में 10 बच्चों की भर्ती करने की क्षमता है। इसके साथ में पाँच वेंटिलेटर युक्त बेड हैं। आवश्यकता पड़ने पर इसमें और बेड बढ़ाए जा सकते हैं। इसके लिये एक पूरा 16 सदस्यों की स्टाफ पिकू (पीआईसीयू) वार्ड के लिए नियुक्त किए गए है जिसमें तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं। सभी की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जाती है। इसमें नियुक्त स्टाफ कोरोना टीकाकरण में कार्य कर रहे हैं। जल्द ही सभी को आने वाली संभावित कोरोना तीसरी लहर के मद्देनजर तैयार करके यूनिट के साथ लगा दिया जाएगा।

