संत शिरोमणि गणिनाथ महाराज ने समग्र वैश्य समाज को नई दिशा व सर्वोच्च आयाम दिया : गुप्त
मऊ। संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज ने समग्र वैश्य समाज को नई दिशा व सर्वोच्च आयाम दिया। कुलगुरु संत गणिनाथ ने वैश्य बंधुओ को मान सम्मान से रहकर जीवन यापन करने के साथ साथ सामाजिक सेवाओं की भी प्रेरणा दिया।
उक्त संबोधन है अखिल भारतीय मध्य देशीय वैश्य सभा के राष्ट्रीय मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रहलाद प्रसाद गुप्त के, वे रौजा स्थित डॉ रामगोपाल के आवास पर मध्य प्रदेश से संकल्प यात्रा पर आए हुए अतिथि के स्वागत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। श्री गुप्त ने कहा कि मध्य देशीय समाज के प्रेरणा स्रोत गणिनाथ जी की जन्मस्थली को धाम के रूप में विकसित करने का सकारात्मक प्रयास राष्ट्रीय के समिति ने प्रेम चंद साव के नेतृत्व में प्रारम्भ कर दिया है। अब आप सभी मऊ वासियो के सहयोग की आवश्यक्ता है।मऊ के लोगोंं सदैव सृजनात्मककार्यो जैसे करजौली खुरहट स्थित बाबा सरयू दास जी का अनाथाश्रम व नगर का मध्य देशीय अतिथि भवन आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है आज पुनः उसी ऊर्जा के संजोजन की आवश्यकता है ।
सम्मान के क्रम में सभा के प्रांतीय अध्यक्ष कुबेर प्रसाद गुप्त व नगर अध्यक्ष डॉ रामगोपाल गुप्त ने मुख्य अतिथि का स्वागत माला पहनाकर किया ।इस अवसर पर युवा संगठन के जिलाध्यक्ष हेमराज मधेशिया ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्य समिति के वरिष्ठ सदस्य रामदास गुप्त, दिलीप, श्यामसुंदर गुप्ता, अखिलेश, दयाशंकर गुप्ता, अशोक आर्य, बैजनाथ गुप्त आदि समाजसेवी मौजूद रहे।

