महिला समाख्या ने ”एक अरब बढ़ते कदम“ विषयक सम्मेलन में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ की आवाज बुलन्द
मऊ। महिला हिंसा के विरूद्ध अभियान ”एक अरब बढ़ते कदम“ के अवसर पर महिला समाख्या मऊ द्वारा मंगलवार को नगर पालिका कम्युनिटी हाल मऊ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य यह रहा कि 14 फरवरी 2012 को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर महिला हिंसा के विरूद्ध अभियान शुरू किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जहां पर महिलाओं का मान सम्मान होता है वहां पर देवता निवास करते है। हमारे समाज में जब से अपराधी प्रवृत्ति के लोग उत्पन्न हो रहे है तभी से समाज में महिलाओं के साथ हिंसा बढ़ रही है। इस लिये महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र या किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ना ही पडे़गा। इन्होने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रेरक के रूप में कार्य कर रही साहिबा को विलक्षित किषोरी का रूप बताया और कहा कि शौचालय निर्माण के लिये लोगो को प्रेरणा देने का कार्य कर रही है। महिलाओं का अपने स्वास्थ्य और षिक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी है, तथा जो नही पढ़ी है वे भी पढ़ें। साहित्य व इतिहास पढें़ जिससे नैतिक मूल्यों को समझ सकेगी जो पुरूष अत्याचार कर रहा है वे किसी न किसी महिला का ही बेटा है। महिला समाख्या टीम को मुख्य अतिथि द्वारा सुझाव दिया गया कि महिला प्रधानो के साथ समय-समय पर ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन करें जिससे उनकी जानकारी बढ़ेगी तथा उन्होने कहा कि मेरा पूरा सहयोग रहेगा।
जिला कार्यक्रम समन्वयक कनक प्रभा ने महिला समाख्या का उद्देष्य बताते हुये कहा कि महिला प्रधान अपने ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करती हैं और अपने गांव में महिलाआें के साथ होने वाली हिंसा को रोकने में अहम भूमिका निभायेंगी। जिससे गांव के अन्य लोग भी विरोध करने में आगे आयेगें। क्राइम रिकार्ड ब्यूरो 2011 के आंकडे़ के अनुसार उत्तर प्रदेश में बलात्कार के 2042, महिला अपरहण 7525, दहेज हत्या 2335 और पति एवं रिश्ते दारों द्वारा 7121 अत्याचार के मामले दर्ज हुए हैं। इसलिए प्रत्येक महिला को संविधान के अनुसार हिंसा मुक्त जीवन जीने का अधिकार है और सभी को मिलकर महिलाओं पर होने वाली हिंसा का विरोध करना होगा।
डॉ0 गीता (आई.सी.डी.एस.) द्वारा कहा कि क्या किसी महिला ग्राम प्रधान ने महिलाआें की समस्या को सुलझाया है। बच्चों को संस्कार देना परिवार की ही जिम्मेदारी होती है यदि हमारे परिवार में संस्कार बना रहेगा तो महिलाओं के साथ हिंसा कम होगी। हर प्रधान को बाहर निकलकर ग्राम पंचायत में चल रही योजनाओं में सहयोग करना होगा।
जिला प्रोबेशन कार्यालय से आये बाल संरक्षण से शिवानन्द सिंह है अपने यहा की चल रही योजनाओं पर प्रकाष डालते हुये इसका लाभ उठाने पर बल दिया।
सिविल कोर्ट की अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती हुमा रिजवी ने महिलाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा रोकने के लिये महिलाये स्वयं आगे आयें। जिले में पहली बार महिला ग्राम प्रधानो के साथ ऐसा सम्मेलन किया गया है। महिला प्रधान यदि प्रयास करें तो अपना काम करने के लिये स्वयं निर्णय ले सकती है।
सुश्री अनीता सिंह, महिला थाना अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि 1090 के बारे में जानकारी देते हुये कहां कि इस नम्बर पर महिलाये कभी भी फोन से अपनी समस्या बता सकते है, तथा 100 नम्बर की गाड़ी को सूचना देने पर घटना स्थल पर तुरन्त पुलिस पहुॅचती है। महिलाये कभी भी अपनी समस्या लेकर अपने पास आ सकती है।
जिला पंचायत कार्यालय से आये छविलाल तथा मनीष यूनिसेफ ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिये महिला प्रधानों को आगे आने के लिये प्रेरित किया।
महिला समाख्या की नारी अदालत, नारी संजीवनी तथा महासंघ की महिलाओं ने भी अपना अनुभव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में समस्त सहयोगिनी, जूनियर संदर्भ व्यक्ति, सन्दर्भ व्यक्ति, उपेन्द्र कुमार कार्यालय सहायक तथा सुधीर कुमार सिंह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का योगदान रहा।

