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मऊ-गाजीपुर सीमा के मध्य फंसे 24 विदेशी, पैदल निकले थे अपने देश

पुलिस ने रोका, थर्मल स्कैनिंग करने के बाद पुनः गाजीपुर किया रवाना

(एक्सक्लुसिव)

मऊ। कोरोना महामारी को रोकने के लिए पीएम के एलान के बाद लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दी गई है। लॉकडाउन कि अवधि बढ़ने से गाजीपुर जनपद के पुलिस लाइन छावनी में फंसे 24 विदेशी नेपाली पैदल चलकर मऊ बॉडर पर पहुँच गये। जहां पर सीमा सील होने की कारण उन सभी नेपालियों को बॉडर पर ही रोक दिया गया और उनकी थर्मल स्कैनिंग करने के बाद उन्हें पुनः गाजीपुर जाने को कहा गया। जब इस बात की जानकारी मऊ जनपद के अधिकारियों को हुई तो उनके हाथ पांव फ़ूलने लगे और तत्काल सभी बॉडरो पर सख्ती से पालन करने को कहा गया। ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति मऊ सीमा पर प्रवेश न कर सके। अधिकारियों ने इसकी सूचना तत्काल गाजीपुर जनपद के अधिकारियों को दिया और सभी को वापस ले जाने के लिए कहा गया। सूचना पाकर मौके पर पहुँचे गाजीपुर जनपद के अधिकारियों ने सभी नेपालियों वापस लाया और उन्हें नेपाल भेजने की तैयारी कर रह रहे हैं। वहीं एक नेपाली युवक आशाराम वीके ने बताया कि गाजीपुर में ग्लोये कम्पनी में काम करते थे, जिसमें कास्टमेटीक का सामान बनता है उसे सेलिंग करने का करते थे। बताया कि कम्पनी के दिये हुए रूम थे और इनके साहब लोग दिल्ली में ही फंसे थे। लेकिन लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से वह लोग नहीं आ पाये, जिससे इन लोगो के पास भी नहीं बचे थे कि खाना खा सके। पैसे खत्म होने से कोई चारा ही नहीं बचा, इसलिए हम सभी मन बनाकर पैदल ही नेपाल के लिए निकल लिए, लेकिन मऊ बॉडर हमें रोक दिया गया।

वहीं गाजीपुर के अधिकारियों का कहना है कि इस बात की जानकारी नहीं थी यह लोग चार-पांच ग्रुप बनाकर निलके थे। हमें इस बात की जानकारी पांच हुई तो मऊ बॉडर पर जाकर इन्हें वापस लाया गया और इनकी जांच कराने के बाद सभी को नेपाल भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

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