नेकी : बाप का उग्रवादियों ने किया चार वर्ष पूर्व अपहरण, बेटी का पांव पूजने के लिए बढ़े कई हाथ
(विकास राय/आनन्द कुमार)
गाजीपुर। समाज में दो प्रकार के लोग रहते हैं, अच्छे भी और बुरे भी। बुरे लोग अपना गलत काम करते रहते हैं, लेकिन अच्छे लोग सदैव अच्छा काम करते रहते हैं। उनके अच्छे काम करने के जुनून को ना तो कोई रोक सकता है ना तो कोई टोक सकता है। और हमेशा समाज में अच्छे लोगों के कार्य को सराहा जाता है और सराहा जाता रहेगा। जो नेकी का काम करें समाज ऐसे नेक इंसानों को ना फिर्फ पूछता है बल्कि उनके आगे नतमस्तक भी होता है। खैर आज मैं जिस अच्छे और बुरे कर्मो की बात कर रहा हूं, बुरा करने वाला व्यक्ति जितना गलत व निन्दनीय कार्य किया उसकी जितनी बुराई की जाए वह कम है। क्योंकि उसके बुरे कर्म की वजह से आज एक बेटी को उसके पिता की याद तब खूब आएगी जब उसका विवाह हो रहा हो और उसे नहीं पता कि उसके पिता इस दुनिया में कहां है।
आपको बताते चले कि चार साल पूर्व बलिया जनपद के बैजलपुर निवासी मानिकचन्द गुप्ता सहित अन्य चार लोगों का अपहरण मेघालय प्रान्त के वेस्ट गारो हिल्स जनपद के रंभा गिरी नामक स्थान से गारो लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों के द्वारा कर लिया गया था। तथा 10 लाख रूपये फिरौती लेने के बाद भी पांचों लोगों की रिहाई नहीं की गयी। पांच अपहृत लोगों में से एक मानिकचंद गुप्ता की बिटिया की शादी आज 05 मई को उसके ननिहाल से होगा। पांच मई को होने वाली शादी में कन्यादान करने के लिए अपने पिता को उग्रवादियों से छुड़ाने की मार्मिक अपील एवं अश्रुपूरित नयनोंं के साथ हल्दी लगा निमंत्रण पत्र भी प्रिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एवं बलिया के सांसद भरत सिंह को भेजा है। साथ में अपील भी किया है की वे मेरे पिता को उग्रवादियों के कब्जे से नहीं छुड़ा सकते है तो कम से कम पांच मई को आकर मेरे धर्म पिता बन कर मेरा कन्यादान ही कर दें। परन्तु प्रिया के पत्र का अब तक किसी ने भी कोई जबाब नहीं दिया। अब देखना होगा कि बेटी की इच्छा अधूरी ह जाती है या सरकार का कोई जनप्रतिनिधि आकर पूरा करता है।
जब उग्रवादियों के द्वारा चार वर्ष पूर्व अपहरण किये गये मानिक चंद गुप्ता की बिटिया की शादी में जनप्रतिनिधियों के तरफ से किसी ने कोई रूचि नहीं दिखाया। प्रिया ने दहेज में कोई सामान नहीं सिर्फ कन्यादान हेतू मार्मिक अपील की और किसी ने गम्भीरता से नहीं लिया तो प्रिया के पांव पूजने से लेकर कन्यादान करने के लिए एक नहीं कई हाथ सामने बढ़ गये। जिसमें समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमुख समाजसेवी ब्रजभूषण दूबे के प्रयास से जनपद के विभिन्न धर्मावलम्बियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया है।
बेटी प्रिया गुप्ता के विवाह में सरकार का कोई जबाब अब तलक भले ही नहीं आया लेकिन ब्रजभूषण दूबे के प्रयास से गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील के ग्राम फकराबाद में पांच मई को आयोजित होने वाली प्रिया की शादी में हार्टमन इण्टर कालेज हार्टमन पुर के प्रधानाचार्य व काशी रत्न एवम यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित फादर पी विक्टर, मांगलिक गीता विद्या पीठ के संस्थापक योगी आनन्द, गोपाल शास्त्री, समग्र विकास इंडिया के प्रदेश महामंत्री सनाउल्लाह उर्फ शन्ने भाई, एस के नेशनल कान्वेंट स्कूल महेन्द के प्रबन्धक अब्दुल कादिर खान समेत अन्य लोग भी शामिल हो कर प्रिया को आशिर्वाद एवं पांव पूज कर कन्यादान करने का बीड़ा उठाया है।
जबकि इसके पूर्व में उग्रवादियों के द्वारा अपहृत अशोक गुप्ता की बेटी रेखा की शादी में नाथ बाबा के मंदिर पर रसड़ा में उपस्थित हो कर ब्रजभूषण दूबे, फादर पी विक्टर, साध्वी नील मणि शास्त्री ने कन्यादान कर चुके है।
आज भले ही प्रिया के पिता बेटी को कन्यादान करने के लिए मंडप में मौजूद नहीं है। लेकिन प्रिया का कन्यादान कर उसे डोली में बिठाने के लिए सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग जो कदमताल करते हुए अनेकों हाथ कन्यादान के लिए बढ़ाएं हैं। वास्तव में उनका यह कार्य सदा-सदा के लिए पूजनीय है। प्रिया ने भले ही देश के प्रधानमंत्री प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित जन प्रतिनिधि के रूप में स्थानीय सांसद को अपने शादी का आमंत्रण पत्र भेजा है। तथा किसी भी जनप्रतिनिधि के तरफ से विवाह में सम्मिलित होने का कोई मौखिक क्या टेलीफोनिक सूचना तो नहीं पहुंचा है। लेकिन अगर बेटी के विवाह होने तक या विदा होने तक अगर सरकार का कोई जनप्रतिनिधि मंडप में पहुंचकर उसके सर पर हाथ रख देगा तो वास्तव में प्रिया को जो खुशी मिलेगी उसका कोई मोल नहीं है, और बेटी के विदा होने तक अगर कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचता है जिसको प्रिया ने निमंत्रण दिया है तो इतना तो तय है कि यह सरकार किसी काम की नहीं।

