चर्चा में

चिट्ठी बनी अतीत की बात, मोबाइल ने लोगों को बनाया एकान्तवादी, संयुक्त परिवार की जडे़ भी हुई कमजोर

(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड/बलिया। चिट्ठी ना कोई संदेश, ना जाने कौन सा देश, जहां तुम चले गये। जगजीत सिंह की यह गजल आज खुद चिट्ठी पर ही खरा उतरती दिखती है। कभी डाकिया को देखते ही जहां लोगों के आंखो में चमक आ जाती थी तथा उसके द्वारा लायी गयी चिट्ठी को पूरा परिवार मिल-जुलकर पढ़ता था, वहीं आज मोबाइल की घंटी बजते ही लोग एकांत में जाकर बात करने में लग जाते हैं। चिट्ठी जो परिवार को जोड़ने का कार्य करती थी वहीं मोबाइल ने लोगों को एकान्तवादी बना दिया है।
पूर्व में कुछ वर्ष पहले ही चिट्ठी संचार की एक सशक्त माध्यम थी। माध्यम सिर्फ संचार की ही नहीं थी, यह रिश्तों में मिठास तो घोलती ही थी, लोग अपनों द्वारा भेजे गये उस पत्र को संजो को रखते और बार-बार पढ़ते। चिट्ठी लोगों को एक दूसरे का हाल बताने के साथ ही पूरे परिवार को जोड़ने का कार्य करती थी। डाकिया के आने के साथ ही लोग उसके पीछे दौड़ जाते थे तथा चिट्ठी के बावत जानकारी लेते थे। जिनके यहां की चिट्ठी होती थी तो उनके परिवार की बांछे खिल जाती थीं। वहीं न होने की स्थिति में लोगों में उदासी छा जाती थी। जब चिट्ठी लेकर लोग घर पहुंचते थे तो पूरा परिवार इकठ्ठा हो जाता था। एक व्यक्ति उसे पड़ता था तथा परिवार के अन्य सदस्य बड़े मनोयोग से उसे सुनने का कार्य करते थे। आज मोबाइल युग में चिट्ठी-पत्री अतीत की बात हो गयी हैं। मोबाइल ने चिट्ठी का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। प्रेम की पांति भी आज एसएमएस के जरिये भेजी जा रहीं हैं। चिट्ठी जहां परिवार को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती थी वहीं मोबाइल ने लोगों को एकान्तवादी बनाने में कोई कोर कसर नही छोड़ा है। मोबाइल की घंटी बजते ही लोग परिवार के बीच से उठ कर अलग कमरे में जाकर बात करने में तल्लीन हो जाते है। आज भले ही संचार क्रांति के युग में हम अपनों से वीडियो कालिंग के जरिये बात कर ले रहे हैं और उसका हाल आंखों देखी कर ले रहे हैं यह विकास के युग में अच्छा है। लेकिन सच तो यह भी है कि जो भाव चिट्ठी को मिलने पर मन में उतरता था उसका मायने ही कुछ और था।
निश्चित तौर पर मोबाइल के आने से सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी विकास संभव तो हुआ है, परन्तु कड़वा सच यह भी है कि इसने संयुक्त परिवार की जड़ें भी हिला दी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *