चर्चा में

विद्युत विभाग के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर खोला मोर्चा

● सरकार की दोषपूर्ण नीतियों से आक्रोशित है लाखों कर्मचारी

प्रदेश सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के विरोध में गुरुवार को जौनपुर में तीसरे दिन भी विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर जोरदार तरीके से धरना दिया।
जिला मुख्यालय स्थित हाइड्रिल कार्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विभाग का निजी करण करके बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बिजली विभाग सौंपने के फिराक में है, जिसका कर्मचारी संगठन जोरदार विरोध करते हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आवाहन पर विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु राष्ट्रव्यापी कार्य बहिष्कार को पूरी एकजुटता से सफल बनाने के उद्देश्य से सभी बिजली कर्मियों एवं अधिकारियों ने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल जौनपुर कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
इस दौरान तीन जनों ने मांग किया कि निजी करण पर चल रही प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। पूर्व की भांति बिजली निगमों का एकीकरण किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल किया जाए, विभाग में व्याप्त वेतन विसंगति को दूर किया जाए,
संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए। जल को संबोधित करते हुए इंजीनियर संतोष कुमार सिंह, निखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि
उत्तर प्रदेश सरकार शासन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच संपन्न त्रिपक्षीय समझौते के अनुरूप 14 जनवरी 2000 के पूर्व उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के कार्मिकों का मिल रही विद्युत सुविधा मे निर्गत शासनादेश का आदर किया जाए। पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के पेंशनर्स को 11/ 2006 के पूर्व जिसकी सेवाएं 33 वर्ष से कम है उनको भी केंद्रीय सेवानिवृत्त कर्मिको की भांति एवं माननीय उच्च न्यायालय के निर्णीत फैसले के अनुक्रम में पूर्ण पेंशन प्रदान किया जाए|
विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता बलभद्र मिश्र व मार्गदर्शन राम धार (अधि० अभि०), संचालन श निखिलेश सिंह द्वारा किया गया । साथ ही साथ कार्य बहिष्कार को सफल बनाने में ई० विनोद कुमार, ई०मनोज कुमार,ई० आरएन मिश्रा,ई० रोशन जमीर, ई० निर्भीक भारती, ई० मनीष यादव, ई० प्रदीप कुमार,अश्वनी श्रीवास्तव, चंद्रशेखर उपाध्याय,संजय यादव, गिरीश यादव, संतोष श्रीवास्तव,प्रभात पांडे, संजय बाल्मीकि एवं जिले के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी बढ़ चढ़कर कार्य बहिष्कार शामिल रहे|।

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