रानीपुर में बीएसएफ के जवान का शव आते ही फफक पड़े लोग
रानीपुर। मऊ जनपद के थाना रानीपुर अंतर्गत पडरी गांव निवासी बीएसएफ के 98 बटालियन के जवान कृष्ण गोपाल दुबे की का शव शुक्रवार को गांव पहुंचते ही परिजन सहित गांव वाले फूट-फूट कर रो पड़े। बताते चले की बीएसएफ के 98 बटालियन में कृष्ण गोपाल दुबे की तैनाती कूचबिहार वेस्ट बंगाल के बॉर्डर पर थी। कुछ दिनों से कृष्ण गोपाल का तबीयत खराब चल रही थी। जिसे ड्यूटी पीरियड में ही होने अस्पताल में दाखिल कराया गया था लेकिन बुधवार को जीवन और मौत के बीच कृष्ण गोपाल जीवन का जंग हार गए। उनकी मृत्यु की सूचना जैसी परिजनों को मिली घरवालों के ऊपर मानो पहाड़ टूट पड़ा। मौत की खबर मिलते हैं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ा। शुक्रवार को बीएसएफ के जवान का शव उसके पैतृक गांव पडरी लाया गया। शव आते ही पूरे गांव में अपने माटी के लाल को तिरंगा में देख लोग फफक पड़े। कृष्ण गोपाल को सलामी दिया गया।
उनके पिता वीरेन्द्र दुबे बीएसफ से रिटायर्ड हैं। कृष्ण गोपाल दुबे 1994 में बीएसफ बटालियन 98 के जवान बन देश की रक्षा में लग गये। उनकी पहली पोस्टिंग कश्मीर में हुई। उनकी शादी मधुबन की दिव्या दुबे से हुयी जिससे लड़का शांतानू दुबे 12 वर्ष के है। अपने दो भाई में ये बड़े और छोटा भाई हरिगोविंद दुबे है।
इस मौके पर एडीएम मुहम्मदाबाद सीओ, एसओ रानीपुर, पूर्व ब्लाक प्रमुख अरुण कुमार सिंह और क्षेत्रीय जनता मौजूद रही। देर शाम को उनका आंतिम संस्कार गाजीपुर घाट पर किया गया।

