महिला ऐच्छिक ब्यूरो के प्रयास से 13 में पांच मामलों का हुआ निस्तारण
मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर के निर्देशन तथा सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष की देखरेख में पुलिस लाइन में हुई। इसमें कुल 13 पारिवारिक मामले आए, जिसमें ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से पांच मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें दो मामलों में पक्षकारों की सहमति से उनका मामला निस्तारित कर दिया गया। वही तीन मामलों में पक्षकारों के बीच सहमति न बन पाने के चलते पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी गई। शेष मामलो में बैठक की अगली तिथि 26 मई 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजेे जाने का निर्देश दिया गया।
ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से उम्मेएमन और सलमान तथा अफजाल अहमद और समीना खातून के मामले में पक्षकारों की सहमति और कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वही मीना देवी और जोखन चौहान,अंकिता और शंकर दयाल तथा मोनका और अंकित कुमार के मामले में पक्षकारों के बीच सुलह न हाने की स्थिति में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी गई। इस दौरान हेना देवी और पप्पू राम तथा पिंकी कश्यप और मनीष कश्यप के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। वही बृजेश और माधुरी के मामले में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। तथा अमली और संतोष यादव, पुष्पा सोनकर और लालबचन, सुनीता और रामदुलार यादव, रागिनी और शिवम, मंजू और रामभवन के मामले में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 26 मई 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यगण इब्राहिम सेवक, सर्वेश दूबे, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, डा.एमए खान, मौलवी अरशद, रत्नेश पांडेय, महिला आरक्षी इशरावती यादव और सोनी सिंह ने अपना योगदान दिया। बैठक में काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।

