महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद को शहादत दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया नमन्
मऊ। महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद को उनके शहादत के दिन भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा याद किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्त ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, चंद्रशेखर आजाद का जीवन हर राष्ट्र्वादी को सिख देता है। देश के अमर क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर आजाद का नाम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में अमर रहेगा। चन्द्रशेखर आजादी के ऐसे निर्भीक सेनानी थे, जिन्होनें अंग्रेजी सरकार के वीरुद्ध न केवल क्रान्तिकारी दल का गठन किया वरन् वे उसके सेनापति भी रहे।
15 वर्ष से भी कम की अवस्था वाले चन्द्रशेखर आजाद ने भी देश की आजादी में अपना योगदान देने का संकल्प ले लिया।
गांधीजी के साथ असहयोग आन्दोलन में भाग लेते हुए जब उन्हें जेल भेजा गया, तो उन्होंने अपना नाम ”आजाद”, पिता का नाम ”स्वाधीनता” और घर का पता ”जेलखाना” बताया । उनकी इस बात से नाराज होकर मेजिस्ट्रेट ने उन्हें 15 बेंतो की सजा सुनायी । इन 15 बेंतों को खाकर तो जैसे आजाद बस आजादी को प्राप्त करने की ठान बैठे थे।
आजाद चरित्र और संयम को बड़ा ही महत्त्व देते थे । उनकी चारित्रिक दृढता के कई उदाहरण प्रचलित हैं। वीर सावरकर से मार्गदर्शन प्राप्त कर आजाद ने बटुकेश्वर दत्त व सुखदेव के सहयोग से ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी’ का गठन किया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि, अगर आजाद जैसे माँ भारती के सपूत कुछ दिन और जीवित रह जाते तो हमारे देश को और पहले स्वतंत्रता मिल गई होती।
इलाहाबाद में अंग्रेजों के साथ हुई मुठभेड़ में इस वीर सेनानी अपनी कनपटी पर बन्दूक रखकर स्वयं को बलिदान कर दिया। 27 फरवरी 1931 को साढ़े दस बजे आजाद का पार्थिव शरीर उनकी देशभक्ति की दास्तान कहते-कहते सो गया । देश के गद्दारों ने उनकी मुखबिरी कर दी। निःसन्देह चन्द्रशेखर आजाद निर्भीक, निडर, दृढनिश्चयी, सरल ईमानदार, सच्चे देशभक्त थे । सम्पूर्ण देश उनकी सेवाओं के लिए उन्हें हमेशा याद करता रहेगा।
आजाद जैसे क्रांतिकारी देश के युवाओं के सदैव प्रेरणा स्त्रोत बने रहेंगे। किन्तु बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले क्रांतिवीरों के साथ पूर्व की सरकारों ने पूर्वाग्रह की भावना से ग्रस्त होकर काम किया,इन वीर सपूतों को जो सम्मान मिलना चाहिए था वो नही मिला,किन्तु अब सरकार और समय दोनों बदल गया है। हर राष्ट्र्वादी का सम्मान हो रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मुन्ना दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द सिंह, संजय पाण्डेय, मीडिया प्रभारी कृष्ण कान्त राय, राजीव जौहरी, नीरज राही, मनीष मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।

