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सिंचाई कार्यों में अनियमितताओं पर विधायक विनय वर्मा का बड़ा सवाल, बोले- दोषियों को बचाने का प्रयास हुआ तो करेंगे एक्सपोज

सिद्धार्थनगर, 31 मई। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने सिंचाई विभाग के कार्यों में कथित अनियमितताओं, अधोमानक निर्माण और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को एक विस्तृत पत्र भेजकर जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।

विधायक विनय वर्मा ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी सिंचाई विभाग के विभिन्न कार्यों में गड़बड़ियों के संबंध में कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है तथा संबंधित मामलों में तथ्यात्मक साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि जनधन से संचालित परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण कराना है।

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह हाल ही में जनपद में अधिशासी अभियंता कृपा शंकर सिंह एवं वीरेंद्र पासवान के साथ विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण कर रहे थे, लेकिन इस दौरे की कोई अधिकृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें विभाग के कुछ कनिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से जानकारी मिली, जबकि वह स्वयं लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

विनय वर्मा ने बताया कि उनकी मुख्य अभियंता विकास सिंह से दूरभाष पर वार्ता हुई, जिसमें उन्होंने संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और अनियमितताओं से जुड़े सभी तथ्यों से उन्हें अवगत कराया। विधायक ने स्पष्ट कहा कि त्रुटिपूर्ण, अधोमानक अथवा नियमविरुद्ध कार्यों को संरक्षण देने तथा दोषी अधिकारियों को बचाने का कोई भी प्रयास जनहित में स्वीकार्य नहीं होगा।

उन्होंने जिलाधिकारी से यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि मुख्य अभियंता का यह दौरा, उनकी समीक्षा अथवा किसी प्रकार की कार्रवाई प्रशासन और गठित जांच समिति के संज्ञान में है या नहीं। विधायक का कहना है कि यदि ऐसा नहीं है तो पारदर्शिता एवं प्रशासनिक जवाबदेही के तहत इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि अधिकारियों के दौरे केवल औपचारिकता या पिकनिक तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका सार्थक परिणाम भी सामने आना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना आवश्यक है ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गलत एवं भ्रामक सूचनाओं के आधार पर योजनाओं को कागजी रूप देने या दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो संबंधित अधिकारियों को जनता के सामने एक्सपोज किया जाएगा तथा उनकी जवाबदेही उच्च स्तर पर तय कराई जाएगी।

विनय वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही सुशासन की सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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