मल्हनी उपचुनाव के लिए BJP को दिग्गज उम्मीदवार की तलाश
(अभिषेक उपाध्याय)

कोरोना महामारी के बीच प्रदेश की आठ विधानसभा सीटो पर होने वाले उपचुनाव का श्रीगणेश हो चुका है। हालांकि अभी उपचुनाव की तारीख़ घोषित नही हुई है। फिर भी सभी राजनितिक दलो के लोग अपनी जीत दर्ज करने के लिए अपने-अपने रणबांकुरो को मैदान मे उतारना शुरु कर दिया है। कल महर्षि यमदग्नि के पावन स्थली व पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की कर्मभूमि से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव का बिगुल बजाकर विरोधियों अपनी ताकत का एहसास करा दिया। साथ ही साथ उपचुनाव के पहले ही जनपद के लिए सरकार का खजाना भी खोल दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपदवासियो के लिये रिंगरोड के सपनो को भी पुर करने की घोषणा कल मंच से कर दी। इससे दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी ने जनपद जौनपुर के विकास के लिए 36 करोड़ रुपये की सौगात दी थी। जिसमे एक पुल, एक इंटर कालेज व एक पीएचसी का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने बनने वाले पुल व सड़क का नाम जनपद के नामचीन वैज्ञानिक फिंगरप्रिंट के जनक पदम् श्री डा. लालजी सिंह के नाम और इंटर कालेज को निषादराज के नाम पर करने की घोषणा की है। बहरहाल मल्हनी उपचुनाव को लेकर जहाँ सपा अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है वही दुसरी तरफ जौनपुर के पूर्व बाहुबली सासंद धनंजय सिंह एक बार फिर इस सीट से विधायक बनने को बेकरार दिखाई दे रहे है। फिरहाल उनकी इस बेकरारी के पीछे कुछ सितम भी है। पूर्व सांसद धनंजय सिंह जेल से छूटने के तुरंत बाद ही जनसंपर्क के लिए क्षेत्र मे लगातार भ्रमणशील है और क्षेत्र की जनता के दुख सुख मे भी शामिल होकर उनकी मदद कर रहे है। सपा विधायक पारसनाथ यादव के निधन के बाद खाली हुई मल्हनी विधानसभा की सीट पर सपा की ओर से उनके पुत्र लकी यादव को प्रत्याशी बनाया जाना तय है, हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इसकी कोई घोषणा नही हुई है। जबकि अन्य पार्टीयां भी अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नही की है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ये भी सुनने मे आ रहा है कि इस बार मल्हनी उपचुनाव मे काग्रेस व बसपा ब्राह्मण कार्ड खेलने के फिराक मे है, वही भाजपा भी इस सीट से अपनी जीत दर्ज करने के लिए एक दमदार प्रत्याशी की तलाश मे जुटी है। जानकारो का मानना है यदि धनंजय सिंह यदि किसी भी पार्टी सिम्बल से लड़ते है तो उनकी जीत पक्की मानी जा सकती है। इसके पीछे का कारण उनके द्वारा किया गया क्षेत्र का सर्वागीण विकास कार्य व 50 हजार वोट बैलेस (जो उनकी सबसे बड़ी अमानत है) बताया जा रहे है। अब देखना ये है कि जनता पर किसका कितना जादू चलता है, कौन वोटरो को अधिक लुभा पाता है। उपचुनाव के लिए इस बार मुख्यमंत्री योगी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने जीत का खाका खींच लिया है और आठ विधानसभा सीटो पर होने वाले उपचुनाव के लिये सभी कार्यकर्ताओ से सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन जन तक पहुँचाने की बात कही है। उपचुनाव के सभी आठ सीटो पर जीत का लक्ष्य लेकर आगे चल रही भारतीय जनता पार्टी ने जनता पर अपनी सटिक रणनीति व बर्चस्व बनाये रहने के लिए अपने मंत्रियों को भी चुनाव की जिम्मेदारियां सौपी है। इसमे अमरोहा की नौगावां सादात सीट पर लक्ष्मीनारायण चौधरी संग बलदेव औलख को, बुलंदशहर अशोक कटारिया, सुरेश राणा, कपिलदेव अग्रवाल, रामपुर की स्वार सीट के लिए ब्रजेश पाठक, विजय कश्यप, फिरोजाबाद की टूंडला सीट के लिए डॉ. दिनेश शर्मा, घाटमपुर के लिए केशव मौर्या व नीलिमा कटियार, जाैनपुर की मल्हनी सीट पर अनिल राजभर, देवरिया में सतीश द्विवेदी और सूर्य प्रताप शाही, व उन्नाव की बंगरमऊ सीट पर डॉ. महेन्द्र सिंह व सुरेश पासी को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इन सभी के साथ संगठन का एक-एक सदस्य भी लगाया गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव मे मल्हनी विधनसभा मे कुल वोटरो की संख्या 3 लाख 41 हजार 881 बतायी जा रही थी परन्तु उपचुनाव मे 20 हजार नए मतदाता जुड़ने से अब ये संख्या 3 लाख 62 हजार 365 हो गई है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नामांकन का काम अभी जारी है, जिससे नए वोटरो संख्या अभी और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जिससे कही न कही ये उम्मीद जताई जा रही है कि नए वोटरो का मत किसी भी उम्मीदवार के हार-जीत मे काफी निर्णायक साबित होंगा।
चुनाव व वोट के लिए लोगो की राय के बारे मे कुछ कह पाना तब तक मुश्किल है जब तक कि सभी पार्टियां अपने- अपने उम्मीदवारो की घोषणा नही कर देती।
