दर्द निवारक दवाओं के सेवन से बढ़ती जा रही है किडनी मरीजो कि संख्या : डॉ0 संजय सिंह
मऊ। विश्व किडनी दिवस के पूर्व संध्या पर शारदा नारायन हास्पिटल में आयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डा0 संजय सिंह ने बताया कि कल विश्व किडनी दिवस के अवसर पर शारदा नारायन वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें लोगो को किडनी के बिमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा एवं निःशुल्क परामर्श एवं शुगर,यूरिक एसिड,व्लड प्रेशर कि जॉच किया जाएगा। डा0 संजय सिंह ने बताया कि किडनी की बिमारीयाँ पूरे विश्व एंव भारत में खतरनाक तरीके से बढ़ रही है भारत में प्रत्येक 10 में से एक व्यक्ति को किसी न किसी रूप में क्रोनिक किडनी की बीमारी होने की संभावना होती है हर साल करीब 150000 लोग किडनी फेल्योर की अंतिम अवस्था में नये मरीज बनकर आते है।जिन्हे या तो डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। किडनी फेल्योर मुख्य कारण दर्द निवारक दवाओ का अत्यधिक प्रयोग होना, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, पेशाब की नली में संक्रमण होना, पेशाब की नली में संक्रमण होना, गुर्दे की पथरी का होना, गठिया एवं लिवर की बिमारी से ग्रसित होना, लिवर की बिमारी से ग्रसित होना, अनुवांशिक बिमारी, या वजन का अधिक होना इत्यादि है।
डा0 संजय सिंह ने किडनी की बिमारी के लक्षण पर प्रकाश डाला और बताया कि…
● पेशाब के दौरान अत्यधिक दर्द एवं जलन होना।
● बार बार कम मात्रा में पेशाब का होना, पेशाब में खून आना।
● सांस का फूलना।
● थकावट का होना।
● शरीर में सूजन का होना।
● भूख का ना लगना।
● चेहरे और पैरो में सूजन आना इत्यादि किडनी रोग के लक्षण है।
डा0 संजय सिंह ने किडनी की बिमारी के बचाव पर प्रकाश डाला और बताया कि…
◆ उच्चरक्तचाप एवं डायबिटीज पर नियत्रंण रखे।
◆ अतिरिक्त नमक का प्रयोग कम करे।
◆ पानी का सेवन 8 से 10 गिलास प्रतिदिन करें।
◆ काफी एवं चाय का सेवन कम करें।
◆ धूम्रपान कम करें।
◆ बिना डाक्टर के सलाह के दर्द की दवाओं का प्रयोग न करें।
◆ प्रतिदिन व्यायाम करें तो किडनी की बिमारी से बचा जा सकता है।

